NSUI Protest : दिल्ली में राहुल गांधी के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि हिरासत में लिए जाने के बाद उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इन आरोपों के सामने आने के बाद मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।
महिला कार्यकर्ता ने हिरासत के दौरान बदसलूकी का लगाया आरोप
NSUI की एक महिला कार्यकर्ता ने हिरासत के दौरान अपने साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, पुलिस हिरासत में एक महिला कॉन्स्टेबल ने उनके साथ मारपीट की और थप्पड़ मारे। महिला कार्यकर्ता के इस दावे ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए पीड़ित कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहने की बात कही है।
छात्र के सिर पर डंडा मारने और चेहरा नोंचने का दावा
प्रदर्शन में शामिल अन्य कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस पर शारीरिक हिंसा और अपमानजनक व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने एक छात्र के सिर पर डंडा मारा, उसका चेहरा नोंचा और उसके साथ गाली-गलौज की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हिरासत के दौरान उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिससे उन्हें शारीरिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
‘दिल्ली पुलिस तुम्हारे पापा हैं’ बोलने का दबाव बनाने का आरोप
NSUI कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हिरासत में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनसे जबरन एक अपमानजनक वाक्य बुलवाने की कोशिश की। उनके अनुसार, उनसे कहा जा रहा था कि वे बोलें, ‘दिल्ली पुलिस तुम्हारे पापा हैं।’ प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस तरह के कथित व्यवहार के जरिए उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया। कार्यकर्ताओं ने पूरे घटनाक्रम को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
राहुल गांधी ने पीड़ित कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर जताई नाराजगी
मामले पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पीड़ित कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि ये युवा देश की असली आवाज हैं और उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़े होते हुए कहा कि देश में सभी नागरिक समान हैं और किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा, “यह हिंदुस्तान है, यहां सब एक हैं।” उन्होंने आगे कहा कि विरोध प्रदर्शन समाप्त होने के बाद, सरकार बदलने या कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने पर कथित अत्याचारों के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। उनके इस बयान से साफ है कि कांग्रेस इस मामले को कानूनी और राजनीतिक स्तर पर आगे ले जाने की तैयारी में है।
राहुल गांधी ने वीडियो और दूसरे सबूत सुरक्षित रखने को कहा
राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि हिरासत के दौरान कथित मारपीट या दुर्व्यवहार से जुड़े सभी वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखे जाएं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के पास घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग मौजूद है और इनका इस्तेमाल कानूनी कार्रवाई के लिए किया जा सकता है। राहुल गांधी के मुताबिक, कांग्रेस इन सबूतों के आधार पर प्राथमिकी यानी FIR दर्ज कराने की दिशा में कदम उठाएगी।
महिला कार्यकर्ता के साहस की कांग्रेस नेताओं ने की तारीफ
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाने वाली महिला कार्यकर्ता के साहस की सराहना की। उन्होंने उनके समर्थन में कहा कि वह बहादुरी से अपनी बात रख रही हैं और यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। पार्टी की ओर से मामले को कानूनी तरीके से उठाने की बात कही गई है। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों के आरोपों, उपलब्ध वीडियो और पुलिस के आधिकारिक पक्ष के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
FIR और जांच पर टिकी निगाहें
इस मामले में अब संभावित FIR और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। कांग्रेस का कहना है कि कथित दुर्व्यवहार के सबूतों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। दूसरी ओर, आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान सामने आना महत्वपूर्ण होगा। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हिरासत के दौरान क्या हुआ और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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