Taliban BBC Ban : अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (BBC) के रेडियो प्रसारण पर अस्थायी रोक लगा दी है। देश के विभिन्न एफएम रेडियो स्टेशनों से BBC के कार्यक्रमों का प्रसारण बंद कर दिया गया है। तालिबान प्रशासन ने इस फैसले के पीछे बार-बार नियमों का उल्लंघन किए जाने का आरोप लगाया है। इस कदम से अफगानिस्तान में स्वतंत्र समाचार और सूचना की उपलब्धता को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है।
सूचना मंत्रालय ने नियम उल्लंघन का दिया हवाला
तालिबान सरकार के सूचना एवं संस्कृति मंत्रालय के प्रवक्ता खुबैब घुफरान ने स्थानीय मीडिया को बताया कि BBC की ओर से कथित तौर पर बार-बार कुछ नियमों का उल्लंघन किया गया। इसी वजह से देशभर में उसकी गतिविधियों को फिलहाल निलंबित करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कथित उल्लंघनों की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
BBC ने कहा, समाधान के लिए अधिकारियों से संपर्क
BBC ने एक बयान जारी कर कहा कि अफगानिस्तान में लाखों लोग भरोसेमंद समाचार और सूचनाओं के लिए उसके कार्यक्रमों पर निर्भर हैं। प्रसारण पर लगी रोक को लेकर संस्था संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए है, ताकि स्थिति का समाधान निकाला जा सके। BBC ने यह भी स्पष्ट किया कि अफगान श्रोताओं के लिए पश्तो, दारी और अंग्रेजी भाषाओं में स्वतंत्र तथा निष्पक्ष समाचार उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।
रेडियो बंद होने के बाद भी जारी हैं प्रसारण के अन्य माध्यम
BBC के मुताबिक, उसके कार्यक्रम केवल एफएम रेडियो तक सीमित नहीं हैं। शॉर्टवेव और मीडियमवेव रेडियो के साथ-साथ ऑनलाइन तथा सैटेलाइट माध्यमों से भी प्रसारण जारी रखा जा रहा है। ऐसे में एफएम केंद्रों पर रोक के बावजूद कुछ श्रोताओं के लिए BBC की सामग्री तक पहुंचने के विकल्प मौजूद हैं। हालांकि, इन माध्यमों की उपलब्धता और पहुंच स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
अफगानिस्तान में बड़ी संख्या में लोग सुनते हैं BBC
BBC के आंकड़ों के अनुसार, अफगानिस्तान की वयस्क आबादी के 20 प्रतिशत से अधिक लोग हर सप्ताह उसके समाचार और अन्य कार्यक्रम सुनते हैं। इनमें लड़कियों की शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल हैं। तालिबान शासन में लड़कियों के माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने पर प्रतिबंध जारी है, ऐसे में शैक्षिक सामग्री की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
1981 से अफगानिस्तान में सक्रिय है BBC
BBC ने वर्ष 1981 में अफगानिस्तान में अपना काम शुरू किया था। वर्ष 2022 में दो अमेरिकी समाचार संस्थानों पर देश में काम करने से संबंधित प्रतिबंध लगाए जाने के बाद BBC वहां प्रसारण करने वाला एकमात्र अंतरराष्ट्रीय समाचार माध्यम रह गया था। ऐसे में एफएम प्रसारण पर लगी नई रोक को देश में अंतरराष्ट्रीय समाचारों की पहुंच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तालिबान शासन में मीडिया पर बढ़ा नियंत्रण
वर्ष 2021 में तालिबान के दोबारा सत्ता में आने के बाद से अफगानिस्तान में मीडिया पर सरकारी नियंत्रण सख्त हुआ है। प्रसारण में संगीत पर प्रतिबंध लगाया गया है और टेलीविजन कार्यक्रमों में महिलाओं की उपस्थिति भी सीमित हुई है। अब समाचार और अन्य कार्यक्रमों में महिलाओं तथा पुरुषों को एक साथ दिखाने की अनुमति नहीं है।
इंटरनेट और बिजली की समस्या से सूचना तक पहुंच मुश्किल
अफगानिस्तान में कुछ लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बिजली की कमी, इंटरनेट और संचार सेवाओं की ऊंची लागत तथा कम साक्षरता दर के कारण बड़ी आबादी के लिए जानकारी हासिल करना मुश्किल बना हुआ है। ऐसे माहौल में BBC के एफएम प्रसारण पर रोक से विश्वसनीय समाचारों तक पहुंच प्रभावित होने की आशंका है।