CG Police Awards : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में गंभीर आपराधिक मामलों की प्रभावी विवेचना कर आरोपियों को सजा दिलाने वाले 25 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने इन पुलिसकर्मियों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इनकी ओर से तैयार की गई मजबूत चार्जशीट और न्यायालय में प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर पॉक्सो, हत्या और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर मामलों में आरोपितों को कठोर कारावास से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा सुनाई गई। इस पहल का उद्देश्य पुलिस की प्रभावी जांच और बेहतर अभियोजन कार्य को प्रोत्साहित करना है।
वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से मजबूत हुए आपराधिक मामले
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि गंभीर अपराधों की जांच में वैज्ञानिक तरीकों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का इस्तेमाल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पुलिस की ओर से जुटाए गए तथ्यों, साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को व्यवस्थित तरीके से न्यायालय के सामने प्रस्तुत करने से मामलों को मजबूती मिली। विशेष अदालतों और फास्ट ट्रैक न्यायालयों में प्रभावी पैरवी के लिए आवश्यक जांच प्रक्रिया पूरी करने वाले विवेचकों के काम का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को नकद पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने का निर्णय लिया गया।
तत्कालीन कोतवाली टीआई देवेश सिंह राठौर को मिला विशेष पुरस्कार
सम्मानित पुलिस अधिकारियों में तत्कालीन कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक देवेश सिंह राठौर का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। उन्होंने चार अलग-अलग आपराधिक मामलों में आरोपियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्य की सराहना करते हुए एसएसपी ने उन्हें सात हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया। इसके साथ ही उनकी सेवा पुस्तिका में विशेष प्रशंसा भी दर्ज की गई। पुलिस विभाग में इस तरह के सम्मान को बेहतर विवेचना, जवाबदेही और न्यायालय में प्रभावी साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है।
पॉक्सो और हत्या के मामलों में सजा दिलाने वाले अधिकारियों को पुरस्कार
पुलिस विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, निरीक्षक रजनीश सिंह को पॉक्सो मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दिलाने पर दो हजार रुपये दिए गए। निरीक्षक दामोदर मिश्रा को हत्या के प्रकरण में उम्रकैद की सजा सुनिश्चित कराने पर एक हजार रुपये का पुरस्कार मिला। निरीक्षक निलेश पाण्डेय को पॉक्सो मामले में 20 वर्ष के कारावास की सजा दिलाने पर एक हजार रुपये दिए गए। इसी तरह राज सिंह को हत्या के मामले में आजीवन कारावास, मीना ठाकुर को पॉक्सो प्रकरण में 20 वर्ष और जीएल चंद्राकर को पॉक्सो मामले में आठ वर्ष की सजा दिलाने के लिए एक-एक हजार रुपये से सम्मानित किया गया।
एनडीपीएस मामले में चार आरोपियों को मिली 15-15 साल की सजा
उप निरीक्षक रामनरेश यादव को मादक पदार्थों से जुड़े एनडीपीएस मामले में चार आरोपियों को 15-15 वर्ष के कारावास की सजा दिलाने पर दो हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। इसके अतिरिक्त बसंत साहू को 900 रुपये, देवेंद्र तिवारी को 800 रुपये और विजय शर्मा को 600 रुपये प्रदान किए गए। संतरा चौहान तथा नारायण ठाकुर को 500-500 रुपये का पुरस्कार मिला। इन अधिकारियों और कर्मचारियों के काम को गंभीर मामलों की जांच तथा न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना गया।
एएसआई और प्रधान आरक्षकों को भी किया गया सम्मानित
सम्मानित कर्मियों में एएसआई शैलेंद्र सिंह, गुलाबचंद पटेल और रमेश ओरके को एक-एक हजार रुपये दिए गए। हेड कांस्टेबल रामायण सिंह तथा सत्यप्रकाश यादव को भी एक-एक हजार रुपये का पुरस्कार मिला। भुवनेश्वर मरावी को 500 रुपये, जबकि रमेश आदिले और परमेश्वर ठाकुर को 200-200 रुपये प्रदान किए गए। पुलिस विभाग का कहना है कि मजबूत विवेचना, वैज्ञानिक जांच और प्रभावी साक्ष्य संकलन से गंभीर आपराधिक मामलों में न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलती है। इस सम्मान के जरिए बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों का उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया गया है।