Railway Bonus 2026 : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों और दिव्यांगजनों के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस (PLB) देने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा दिव्यांगजनों से जुड़े पात्रता मानकों और पेंशन व्यवस्था में बदलाव की जानकारी भी दी गई। सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के लिए 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की बात कही है।
रेलवे के 11.40 लाख कर्मचारियों को मिलेगा 78 दिन का बोनस
कैबिनेट के फैसले के तहत रेलवे के लगभग 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिनों के परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस का लाभ दिया जाएगा। सरकार ने इस भुगतान के लिए करीब 2,009 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह राशि दिवाली से पहले कर्मचारियों तक पहुंचाने की योजना के तहत घोषित की गई है। बोनस की घोषणा से रेलवे में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को त्योहार के समय आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।
त्योहारों में भी ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को राहत
अश्विनी वैष्णव ने रेलवे कर्मचारियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि वे पूरे साल दिन-रात मेहनत करते हैं। त्योहारों के दौरान भी बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने परिवारों से दूर रहकर रेल पटरियों, ट्रेनों और वर्कशॉप में काम करते हैं। रेलवे का सुचारु संचालन बनाए रखने में उनकी अहम भूमिका होती है। ऐसे कर्मचारियों के लिए 78 दिन के बोनस को दिवाली का तोहफा बताया गया है। इससे कर्मचारियों को त्योहार की तैयारियों और घरेलू खर्चों में सहायता मिल सकती है।
दिव्यांगता की पात्रता सीमा में बदलाव की जानकारी
कैबिनेट से जुड़े फैसलों में दिव्यांगजनों के लिए पात्रता मानकों में बदलाव का भी उल्लेख किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले दिव्यांगता का थ्रेशोल्ड 80 प्रतिशत बताया गया था, जिसे घटाकर 40 प्रतिशत करने की बात कही गई है। इस बदलाव का उद्देश्य अधिक पात्र लोगों को संबंधित सामाजिक सुरक्षा लाभों के दायरे में लाना हो सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह सीमा किस विशेष योजना या लाभ पर लागू होगी। इसकी पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश से की जानी चाहिए।
जन्म से दिव्यांग बच्चों की पेंशन को लेकर क्या बदलाव?
दी गई जानकारी के मुताबिक, दिव्यांगजनों को पेंशन देने की उम्र से जुड़ी व्यवस्था में भी बदलाव का ऐलान किया गया है। पहले 18 वर्ष की उम्र से पेंशन मिलने की बात कही गई थी, जबकि नई व्यवस्था में जन्म से ही पात्रता देने का उल्लेख है। इस कदम से दिव्यांग बच्चों वाले परिवारों को आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है। हालांकि, पेंशन की वास्तविक पात्रता, राशि और लागू होने की तारीख की जानकारी आधिकारिक दिशानिर्देशों से स्पष्ट होगी।
सामाजिक सुरक्षा के लिए 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान
सरकार ने सामाजिक सुरक्षा नेट को बढ़ाकर 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की जानकारी भी दी है। इस राशि का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों तक सामाजिक सुरक्षा सहायता पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करना बताया गया है। रेलवे बोनस और दिव्यांगजनों से जुड़े फैसलों के बीच यह घोषणा भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दिवाली से पहले फैसलों पर टिकी कर्मचारियों और परिवारों की नजर
मोदी कैबिनेट के इन फैसलों से रेलवे कर्मचारियों को बोनस मिलने और दिव्यांगजनों के लिए सहायता व्यवस्था में संभावित विस्तार की उम्मीद बढ़ी है। अब बोनस भुगतान की समयसीमा और दिव्यांगता पेंशन से जुड़े विस्तृत नियमों पर नजर रहेगी। लाभार्थियों को अंतिम पात्रता और आवेदन संबंधी जानकारी के लिए संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं का इंतजार करना चाहिए।
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