Surajpur News : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार के मामले में विशेष एनडीपीएस अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। ग्राम दवना में 430 नशीले इंजेक्शन के साथ पकड़े गए आरोपी सुशील दास देवांगन को अदालत ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही आरोपी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने गवाहों के बयान, फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराया। यह फैसला 13 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया।
मुखबिर की सूचना पर झिलमिली पुलिस ने की थी कार्रवाई
इस मामले की शुरुआत 10 मार्च 2025 को हुई थी। उस दिन थाना झिलमिली पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि ग्राम दवना में नशीले इंजेक्शन रखे गए हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित स्थान पर कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने गांव के निवासी सुशील दास देवांगन को पकड़ा। आरोपी की उम्र 28 वर्ष बताई गई है और वह आनंद दास देवांगन का पुत्र है। पुलिस ने उसके कब्जे से बड़ी संख्या में इंजेक्शन बरामद किए थे।
आरोपी के पास से मिले एविल और रेक्सोजेसिक के 430 इंजेक्शन
पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से कुल 430 इंजेक्शन जब्त किए गए। इनमें एविल के 220 इंजेक्शन और रेक्सोजेसिक के 210 इंजेक्शन शामिल थे। बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 47/2025 दर्ज किया। इसके साथ ही आरोपी के विरुद्ध स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 यानी एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की विस्तृत विवेचना शुरू की और बरामद सामग्री सहित अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया।
विवेचना के बाद विशेष एनडीपीएस न्यायालय में पेश हुआ आरोप पत्र
प्रकरण की जांच एएसआई महेन्द्र सिंह मरावी ने की। विवेचना के दौरान उन्होंने मामले से संबंधित साक्ष्य एकत्र किए और आवश्यक जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र विशेष एनडीपीएस न्यायालय, सूरजपुर में प्रस्तुत किया। इसके बाद न्यायालय में मामले की सुनवाई शुरू हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रमेश सिंह कुशवाहा ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने आरोपी के विरुद्ध प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अपना पक्ष रखा।
गवाहों और FSL रिपोर्ट के आधार पर आरोपी दोषी करार
विशेष न्यायाधीश मानवेन्द्र सिंह की अदालत में मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों का मूल्यांकन किया गया। न्यायालय ने गवाहों के कथनों, एफएसएल रिपोर्ट और प्रकरण में प्रस्तुत अन्य साक्ष्यों पर विचार किया। समग्र तथ्यों के आधार पर अदालत ने सुशील दास देवांगन को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) के तहत दोषी पाया। इसके बाद 13 अक्टूबर 2026 को निर्णय सुनाते हुए आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर सख्त संदेश
सूरजपुर की विशेष अदालत का यह फैसला जिले में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। पुलिस की बरामदगी, विवेचना और न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा सुनाई गई। मामले में 430 इंजेक्शन की जब्ती और 10 वर्ष के कारावास का निर्णय नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गंभीरता को दर्शाता है।