Uttarakhand Phone Hacking : उत्तराखंड में फोन हैकिंग के आरोपों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने बुधवार को दावा किया कि राज्य में एक कथित ‘हैकिंग गिरोह’ नेताओं और उनके परिवारों के मोबाइल फोन हैक कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैकरों की मदद से लोगों की बातचीत और संपर्कों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। हल्द्वानी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में विधायक ने इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि नेताओं की निजता पर कथित हमले लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
चुनाव के दौरान राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी जुटाने का आरोप
सुमित हृदयेश ने कहा कि यदि नेताओं की बातचीत और संपर्कों की जानकारी हासिल कर ली जाए, तो चुनाव के समय उसका इस्तेमाल राजनीतिक रणनीति बनाने या विरोधियों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह का भी उल्लेख किया। विधायक के अनुसार, इस तरह की कथित गतिविधियों से नेताओं और उनके परिवारों की निजी जानकारियां असुरक्षित हो सकती हैं। हालांकि, फोन हैकिंग और इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
फोन की जांच कराने के बाद सामने आई कथित जानकारी
विधायक ने बताया कि उन्होंने अपने मोबाइल फोन की जांच कराने के लिए दो लोगों को दिया था। उनके मुताबिक, उन लोगों ने शुरुआत में फोन हैक होने की आशंका से इनकार किया था। हालांकि, बाद में उन्हें संदेह हुआ कि वे दोनों व्यक्ति भी कथित मामले में शामिल हो सकते हैं। हृदयेश ने इस संबंध में पिछले साल 24 अप्रैल को पुलिस में दोनों लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत देने का दावा किया। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि कथित गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
गैरसैंण विधानसभा सत्र में आत्मदाह करने की चेतावनी
सुमित हृदयेश ने कहा कि उन्हें अपनी पत्नी और 15 वर्षीय बेटी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह 27 अक्टूबर से गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह करेंगे। विधायक ने कहा कि उनका विरोध व्यक्तिगत हित के बजाय लोकतंत्र और नागरिकों की निजता से जुड़ा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह केवल आत्मदाह का प्रयास करने की बात नहीं कर रहे, बल्कि अपनी घोषणा पर अडिग हैं। उनका यह बयान सामने आने के बाद मामले ने गंभीर राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी चिंता का रूप ले लिया है।
मुख्यमंत्री पर भरोसा जताया, लेकिन जांच की मांग पर कायम
राज्य सरकार की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर हृदयेश ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि राज्य सरकार इस तरह की गतिविधियों में शामिल है। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्हें अच्छा व्यक्ति बताया। हालांकि, विधायक ने आशंका जताई कि इस मामले को सार्वजनिक करने के बाद उनकी जिंदगी को बड़ा खतरा हो सकता है। उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम लेने से इनकार करते हुए कहा कि यह जांच का विषय है और शिकायत पर कार्रवाई होने के बाद ही पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।
हरीश रावत ने मामले को बताया चिंताजनक
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी सुमित हृदयेश की ओर से उठाए गए मुद्दे पर चिंता जताई। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में रावत ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों के सामने संगठित गिरोह किस तरह की कठिन परिस्थितियां पैदा कर सकते हैं, इसकी आशंका विधायक ने व्यक्त की है। उन्होंने कथित गिरोहों को संरक्षण मिलने की आशंका का भी उल्लेख किया। रावत के अनुसार, हृदयेश की प्रेस कॉन्फ्रेंस का विस्तृत विवरण सुनने के बाद वह बेहद चिंतित हैं।
कांग्रेस नेता ने दिया साथ निभाने का भरोसा
हरीश रावत ने सुमित हृदयेश से धैर्य, साहस और संयम के साथ इस परिस्थिति का सामना करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं और हर परिस्थिति में उनका समर्थन करेंगे। फिलहाल, इस पूरे मामले में विधायक के आरोपों, पुलिस में दी गई कथित शिकायत और फोन हैकिंग की आशंका की स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण है। आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।