Surajpur DEO Warning : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बोर्ड परीक्षाओं के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने शिक्षकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि कक्षा में पढ़ाने के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि औचक निरीक्षण के दौरान कोई शिक्षक मोबाइल चलाते या मोबाइल के माध्यम से पढ़ाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित स्कूल के संस्था प्रमुख की जवाबदेही भी तय होगी।
विश्रामपुर में 34 स्कूलों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक
शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, विश्रामपुर में एक दिवसीय समीक्षा सह उन्मुखीकरण बैठक आयोजित की गई। इसमें विकासखंड सूरजपुर के सभी 34 हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य और गणित, अंग्रेजी, भौतिकी तथा रसायन शास्त्र के व्याख्याता शामिल हुए। बैठक में स्कूलों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों का उद्देश्य विद्यार्थियों की विषयगत समझ मजबूत करना और परीक्षा परिणामों में सुधार लाना रहा।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए लगेंगी अतिरिक्त कक्षाएं
बैठक के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने पाठ्यक्रम की प्रगति, कक्षा में अध्यापन की स्थिति और विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि त्रैमासिक परीक्षा के मूल्यांकन के आधार पर कमजोर विद्यार्थियों की पहचान की जाए। इसके बाद ऐसे विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक यानी अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएं। इन कक्षाओं में कठिन विषयों की बुनियादी अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने और विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान करने पर जोर दिया जाएगा।
गणित, अंग्रेजी और विज्ञान की पढ़ाई पर विशेष जोर
डीईओ ने निर्देश दिए कि गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों में विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास कराया जाए। वहीं, भौतिकी और रसायन शास्त्र की पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रयोगशालाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा कर देना ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को विषयों की वास्तविक समझ विकसित कराना भी शिक्षकों की जिम्मेदारी है, ताकि वे परीक्षा में प्रश्नों को समझकर सही तरीके से उत्तर दे सकें।
बोर्ड परीक्षा से पहले पूरा करना होगा पाठ्यक्रम
आगामी बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूल प्राचार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पाठ्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले दोहराव करने और मॉडल प्रश्नपत्र हल करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। बैठक में शिक्षकों और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
औचक निरीक्षण करेंगे जिला शिक्षा अधिकारी
अशोक सिन्हा ने कहा कि कक्षा में पढ़ाने का समय विद्यार्थियों से संवाद करने, ब्लैकबोर्ड पर विषय समझाने और गहन अध्ययन कराने के लिए होना चाहिए। मोबाइल का अनावश्यक उपयोग विद्यार्थियों की एकाग्रता और पढ़ाई की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे। मोबाइल का इस्तेमाल करते या उससे पढ़ाते पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
इस बैठक में सहायक संचालक अजय सिंह, सहायक जिला परियोजना अधिकारी चंद्रपाल कुशवाहा, सहायक परियोजना समन्वयक निर्झर मंदिलवार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार सिंह और संकुल समन्वयक गौरी शंकर पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षा विभाग की इस पहल से स्कूलों में नियमित अध्यापन, समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी पर अधिक ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।
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