छत्तीसगढ़ के सरगुजा में खेत के पास करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए तार बिछाया गया था। पुलिस जांच कर रही है कि इसे किसने लगाया। हादसे के बाद अवैध करंट तारों पर सवाल उठे हैं।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में खेत के पास करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए तार बिछाया गया था। पुलिस जांच कर रही है कि इसे किसने लगाया। हादसे के बाद अवैध करंट तारों पर सवाल उठे हैं।

Surguja News : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक दर्दनाक हादसे में 25 वर्षीय युवक की जान चली गई। खेत में जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए बिछाए गए करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना लखनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुन्नी पुलिस चौकी इलाके में ग्राम रेमहला और लब्जी के बीच झिलमिली जंगल के पास हुई। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और खेतों में अवैध रूप से करंट लगाने के खतरों पर फिर सवाल उठने लगे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान जुगेश्वर पिता शंकर पावले के रूप में हुई है। उसकी उम्र 25 वर्ष बताई गई है। बताया गया कि जुगेश्वर खेत की ओर गया था। इसी दौरान वह जंगली सूअरों से फसल की सुरक्षा के लिए लगाए गए करंट वाले तार के संपर्क में आ गया। बिजली का झटका इतना घातक साबित हुआ कि उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की जानकारी मिलने के बाद कुन्नी पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई की। रात अधिक होने के कारण उसी समय पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका। इसके बाद शव को लखनपुर अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया। गुरुवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब हादसे के कारणों और खेत में करंट प्रवाहित तार लगाए जाने से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, खेत में करंट किसने और किन परिस्थितियों में बिछाया था, इसकी पड़ताल की जा रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि तार किस व्यवस्था के तहत लगाया गया था और घटना के लिए कौन जिम्मेदार है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सरगुजा संभाग के ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए खेतों के आसपास करंट प्रवाहित तार लगाने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कुछ किसान जंगली सूअरों को खेतों में प्रवेश करने से रोकने के लिए जीआई तार में बिजली का करंट प्रवाहित कर देते हैं। यह तरीका न केवल जानवरों, बल्कि खेतों के आसपास आने-जाने वाले लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।

बीते वर्षों में इस तरह के तारों की चपेट में आने से किसानों और ग्रामीणों की मौत की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद खेतों में करंट लगाने का जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सरगुजा की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों और अवैध विद्युत तारों पर निगरानी की जरूरत को उजागर किया है। खेतों की सुरक्षा के लिए ऐसे उपाय अपनाना जरूरी है, जिनसे किसी इंसान या जानवर की जान खतरे में न पड़े।

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