McLeodganj Viral Video : हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरत वादियों, ऊंचे पहाड़ों और हरियाली के लिए दुनियाभर में मशहूर है। यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने और सुकून के पल बिताने पहुंचते हैं। लेकिन जब पर्यटक घूमने के बाद अपने पीछे कचरा छोड़ जाते हैं, तो इन खूबसूरत जगहों की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित होती है। ऐसा ही मामला हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैकलोडगंज से सामने आया है। यहां एक पहाड़ी रास्ते पर बिखरे कचरे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर कई लोग नाराजगी जता रहे हैं।
मैकलोडगंज के पहाड़ी रास्ते पर जगह-जगह कचरा
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में मैकलोडगंज के एक पहाड़ी रास्ते के आसपास गंदगी दिखाई देती है। सड़क और पैदल चलने वाले मार्ग के दोनों ओर प्लास्टिक के रैपर, खाने-पीने की वस्तुओं के खाली पैकेट और कागज बिखरे नजर आते हैं। वीडियो में कुछ स्थानों पर फेंके हुए कपड़े भी दिखाई देने का दावा किया गया है। जिस जगह पर पर्यटक पहाड़ों की खूबसूरती और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने पहुंचते हैं, वहां इस तरह कचरा फैला होना चिंता का विषय बन गया है। इस वीडियो ने पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने की जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है।
इंस्टाग्राम से X तक पहुंचा वायरल वीडियो
जानकारी के मुताबिक, इस वीडियो को सबसे पहले इंस्टाग्राम पर @Sustainify नाम के अकाउंट से साझा किया गया था। इसके बाद यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी प्रसारित हुआ। पोस्ट में मैकलोडगंज की स्थिति पर तंज कसते हुए कहा गया कि यदि कोई इस पर्यटन स्थल की तुलना स्विट्जरलैंड से करे, तो उसे यह वीडियो दिखाया जाना चाहिए। पोस्ट के माध्यम से पर्यटन स्थलों पर कचरा प्रबंधन की समस्या की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई।
‘ट्रैश टूरिज्म’ को बढ़ावा देने का सुझाव
वायरल पोस्ट में ‘ट्रैश टूरिज्म’ यानी कचरा साफ करने से जुड़ी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने का सुझाव भी दिया गया। इसके तहत पर्यटक कुछ दिनों तक सफाई अभियान में हिस्सा लेकर स्थानीय क्षेत्रों को स्वच्छ रखने में योगदान दे सकते हैं। पोस्ट में मुफ्त ठहरने और भोजन के बदले सफाई में मदद करने जैसे विचार का उल्लेख किया गया। हालांकि, यह सुझाव है, किसी लागू सरकारी योजना की पुष्टि नहीं है। ऐसी पहल स्थानीय प्रशासन, पर्यटन व्यवसायों और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बन सकती है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी
वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने पर्यटन स्थलों पर गंदगी फैलाने की आदत की आलोचना की। कुछ लोगों ने प्लास्टिक की बोतलों और खाद्य पदार्थों के पैकेटों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर चिंता जताई। वहीं, कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब ऊटी और नीलगिरी जैसे पर्यटन क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं, तो हिमाचल के पर्यटन स्थलों पर भी प्रभावी उपाय क्यों नहीं किए जाते। कुछ लोगों ने कचरा फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने और सफाई व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखना सबकी जिम्मेदारी
मैकलोडगंज का वायरल वीडियो पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन की अहमियत को सामने लाता है। पहाड़ों की सुंदरता का आनंद लेने के साथ उनकी स्वच्छता बनाए रखना भी जरूरी है। पर्यटकों को अपना कचरा निर्धारित डस्टबिन में डालना चाहिए और प्लास्टिक या अन्य अपशिष्ट खुले में छोड़ने से बचना चाहिए। स्थानीय प्रशासन को भी नियमित सफाई, कचरा संग्रहण और जागरूकता अभियान पर ध्यान देना चाहिए। सामूहिक प्रयासों से ही हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखा जा सकता है। घूमने की यादें खूबसूरत हों, लेकिन उनके पीछे गंदगी नहीं छूटनी चाहिए।
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