France Protests : फ्रांस में महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी नाराजगी को लेकर 17 अक्टूबर को देशभर में बड़े प्रदर्शन हुए। शुरुआत में शांतिपूर्ण रहे कई मार्च बाद में हिंसक घटनाओं में बदल गए। विभिन्न शहरों में तोड़फोड़, दुकानों में लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। लिमोज शहर के ऐतिहासिक सिटी हॉल में भी आग लगा दी गई, जिससे इमारत को भारी नुकसान पहुंचा। फ्रांसीसी अधिकारियों के मुताबिक, हिंसा के बाद गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर लगभग 1,800 हो गई।
ट्रंप ने इमिग्रेशन को ठहराया हिंसा के लिए जिम्मेदार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में हुई हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आए लोगों के प्रवास ने फ्रांस की स्थिति बिगाड़ दी है। ट्रंप ने फ्रांस से अपनी सीमाओं को बंद करने और प्रवासन पर नियंत्रण मजबूत करने की अपील भी की। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब फ्रांस में प्रदर्शन और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बनी हुई हैं। हालांकि, हिंसा के पीछे इमिग्रेशन को कारण बताना ट्रंप का राजनीतिक दावा है; उपलब्ध रिपोर्टों से इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
जेडी वेंस ने उदारवादी नीतियों पर उठाए सवाल
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फ्रांस की घटनाओं को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने पश्चिमी उदारवादी नीतियों और बहुसंस्कृतिवाद की आलोचना करते हुए कहा कि विविधता और करुणा के नाम पर प्रवासन को बढ़ावा देने वालों ने आत्मसातीकरण तथा सांस्कृतिक अनुकूलता जैसे सवालों की अनदेखी की। वेंस ने फ्रांस की ऐतिहासिक इमारतों को बचाने की अपील की और अमेरिकी नागरिकों को भी चेतावनी दी कि वे अपने देश की राजनीतिक दिशा पर ध्यान दें। उनके बयान में भी हिंसा और इमिग्रेशन के बीच संबंध का दावा किया गया, लेकिन इस संबंध को साबित करने वाले स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए गए।
लिमोज का ऐतिहासिक सिटी हॉल आग की चपेट में
फ्रांस के लिमोज शहर में 19वीं सदी की ऐतिहासिक सिटी हॉल इमारत में प्रदर्शन के दौरान आग लगा दी गई। यह इमारत वर्ष 1883 में उद्घाटित हुई थी और शहर की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में गिनी जाती थी। आग से इमारत को गंभीर नुकसान पहुंचा और इसकी प्रतिष्ठित घड़ी वाली मीनार भी ढह गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और नागरिकों ने सांस्कृतिक विरासत को हुए नुकसान पर चिंता जताई। इस आगजनी ने फ्रांस में सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
हजारों गिरफ्तारियां, पुलिसकर्मी भी घायल
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरां नूनेज के अनुसार, हिंसा के बाद देशभर में लगभग 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस और सुरक्षा बलों के कई सदस्य घायल हुए। शुरुआती रिपोर्टों में 17 अक्टूबर को करीब 5.5 लाख प्रदर्शनकारियों का सरकारी अनुमान सामने आया, जबकि ट्रेड यूनियन CGT ने संख्या लगभग आठ लाख बताई। ये आंकड़े अलग-अलग स्रोतों के अनुमान हैं। सरकार ने हिंसा, सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और दुकानों में लूटपाट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
फ्रांस की हिंसा पर अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक बहस तेज
फ्रांस की घटनाओं ने महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं, प्रवासन और राष्ट्रीय पहचान जैसे मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। ट्रंप और वेंस ने हिंसा को इमिग्रेशन तथा उदारवादी नीतियों से जोड़कर देखा, जबकि फ्रांस में प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में आर्थिक असंतोष और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर शिकायतें भी शामिल हैं। ऐसे में जरूरी है कि राजनीतिक बयानों और सत्यापित तथ्यों के बीच अंतर रखा जाए। हिंसा की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इसके कारणों की अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
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