Tiger Shroff Firing Case : बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में राजस्थान पुलिस को बड़ी सफलता मिलने की खबर सामने आई है। कोटा पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें से दो लोगों को अभिनेता पर हुई फायरिंग की घटना से जुड़ा संदिग्ध बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि और आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
मुंबई-हिसार दुरंतो एक्सप्रेस से पकड़े गए संदिग्ध
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोटा पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ट्रेन संख्या 12239, मुंबई-हिसार दुरंतो एक्सप्रेस से तीन लोगों को हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि इनमें एक व्यक्ति महाराष्ट्र और दो हरियाणा के रहने वाले हैं। संदिग्धों को कोटा रेलवे स्टेशन के पास पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उनकी भूमिका और हमले से संभावित संबंध को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
बाइक पर सवार होकर आए थे तीन हमलावर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टाइगर श्रॉफ पर हमला कथित तौर पर सोमवार से एक दिन पहले देर शाम हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया गया कि तीन लोग बाइक पर सवार होकर अभिनेता की कार के पास पहुंचे थे। इनमें से एक व्यक्ति बाइक पर ही रुका रहा, जबकि दो अन्य नीचे उतरे और कथित तौर पर कार पर गोलियां चलाईं। वारदात के बाद तीनों मौके से फरार हो गए। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
फायरिंग के बाद अलग-अलग दिशाओं में भागने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, कथित फायरिंग के बाद तीनों संदिग्ध अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। इसके बाद वे अलग-अलग दिशाओं में निकल गए, ताकि उनकी गतिविधियों का पता लगाना जांच एजेंसियों के लिए मुश्किल हो जाए। हालांकि, इस घटनाक्रम की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। कोटा में पकड़े गए तीन लोगों में से दो के हमले से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस की जांच के बाद ही उनकी वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
ड्राइवर की शिकायत पर जुहू पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के बाद टाइगर श्रॉफ के ड्राइवर की शिकायत पर मुंबई की जुहू पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस ने शिकायतकर्ता ड्राइवर के अलावा मौके पर मौजूद दो प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए। बताया गया कि इन्हीं लोगों ने फायरिंग के दौरान सीने में गोली लगने से घायल हुए उमेश चव्हाण को अस्पताल पहुंचाने में मदद की थी। जांच एजेंसियां घटनास्थल, चश्मदीदों के बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सोशल मीडिया पोस्ट
इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक सोशल मीडिया पोस्ट भी सामने आने की जानकारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अनिल पंडित अनमोल बिश्नोई नाम के फेसबुक अकाउंट से किए गए पोस्ट में हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पोस्ट में कथित तौर पर यह भी कहा गया कि टाइगर श्रॉफ को पहले फोन करके समझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन बात नहीं मानने पर हमला किया गया। हालांकि, पोस्ट की प्रामाणिकता और दावे की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल, मामले में हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान, कथित हमले में उनकी भूमिका और सोशल मीडिया पोस्ट के पीछे की सच्चाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस की जांच पूरी होने और संबंधित तथ्यों की पुष्टि के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
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