Bilaspur Wedding News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सरकंडा क्षेत्र से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। 70 वर्षीय दादू राम गंधर्व ने मोहल्ले की 30 वर्षीय युवती से शादी करके समाज की परंपरागत सोच को चुनौती दी है। इस जोड़ी ने मोहल्ले के शिव मंदिर में विधि-विधान से सात फेरे लेकर अपने प्यार को नई पहचान दी है।

उम्र के अंतर को परे रखते हुए साथ निभाने का फैसला
दादू राम गंधर्व, जो मजदूरी का काम करते हैं, उनका परिचय मोहल्ले की एक युवती से हुआ। शुरुआती जान-पहचान धीरे-धीरे गहरी दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई। दोनों ने उम्र के इस बड़े अंतर को नजरअंदाज करते हुए एक-दूसरे को जीवनसाथी बनाने का साहसिक निर्णय लिया।यह प्रेम कहानी इस बात का प्रमाण है कि सच्चे प्यार के सामने उम्र केवल एक संख्या भर होती है। दोनों ने यह साबित कर दिया कि प्रेम और समझदारी ही एक रिश्ते की नींव होती है।

भव्यता और उल्लास के साथ शादी
शादी की रस्में चिंगराजपारा अटल आवास के मोहल्ले में स्थित शिव मंदिर में धूमधाम से संपन्न हुईं। वरमाला, सिंदूर, सात फेरे जैसी सभी पारंपरिक रस्में बड़ी श्रद्धा और खुशी के साथ पूरी की गईं।
मोहल्ले के लोग इस शादी में बड़ी संख्या में शामिल हुए और नवविवाहित जोड़े को दिल से शुभकामनाएं दीं। लोगों का कहना था कि उम्र के इस अंतर को भुलाकर दोनों के बीच प्रेम और समर्पण देखकर वे न केवल खुश हैं, बल्कि प्रेरित भी हुए हैं।
समाज के लिए एक मिसाल
यह शादी समाज में फैली पुरानी सोच को तोड़ने का एक बेहतरीन उदाहरण है। आज के दौर में जहां प्रेम विवाह में भी कई बार उम्र, जाति या सामाजिक स्थिति को लेकर विवाद होते हैं, इस जोड़ी ने यह संदेश दिया है कि प्यार की कोई सीमा नहीं होती।
दादू राम और उनकी दुल्हन ने साबित किया है कि अगर दिल से चाहा जाए तो हर बाधा को पार किया जा सकता है। यह कहानी बिलासपुर ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणा है।70 साल के दूल्हे और 30 साल की दुल्हन की यह प्रेम कहानी साबित करती है कि सच्चे प्यार की कोई उम्र नहीं होती। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के इस सरकंडा क्षेत्र की इस जोड़ी ने सामाजिक बंधनों को तोड़कर प्रेम को नई ऊंचाइयां दी हैं। यह घटना बताती है कि जब प्यार हो सच्चा तो उम्र जैसे बंधन टूट जाते हैं।











