USA Mother Shoots Kids: अमेरिका के टेक्सास राज्य से एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां ने अपने ही चार नाबालिग बच्चों को गोली मार दी। इस भयानक वारदात में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।घटना शनिवार को टेक्सास के एंगलटन क्षेत्र में हुई, जहां 31 वर्षीय महिला अपने चार बच्चों के साथ रहती थी। बच्चों की उम्र क्रमशः 13, 9, 8 और 4 साल बताई जा रही है।

खुद फोन कर दी पुलिस को जानकारी
Brazoria County के शेरिफ बो स्टालमैन ने बताया कि महिला ने खुद शनिवार को पुलिस को फोन कर इस गोलीबारी की जानकारी दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो चारों बच्चे एक कार के पास गोली लगने से घायल अवस्था में मिले।तुरंत सभी को हेलीकॉप्टर के जरिए ह्यूस्टन के अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश 13 और 4 साल के दो बच्चों को नहीं बचाया जा सका। बाकी दो बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

आरोपी मां गिरफ्तार, 14 मिलियन डॉलर का बॉन्ड तय
पुलिस ने महिला को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ हत्या के दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। महिला को $14 मिलियन डॉलर के बॉन्ड पर हिरासत में रखा गया है।हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि महिला ने अपने ही बच्चों को गोली क्यों मारी। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मानसिक अवसाद (mental depression) एक बड़ी वजह हो सकती है।
पुलिस कर रही है हर पहलू की जांच
शेरिफ स्टालमैन ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह घटना बेहद दर्दनाक है। हम जांच में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हम यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर मां ने इतना क्रूर कदम क्यों उठाया।”स्थानीय प्रशासन और चाइल्ड प्रोटेक्शन एजेंसियां भी इस मामले में शामिल हो गई हैं। बच्चों के स्कूल और पड़ोसियों से भी पूछताछ की जा रही है।
समाज को झकझोरने वाली घटना
इस घटना ने न सिर्फ टेक्सास बल्कि पूरे अमेरिका को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को ‘नरक से भी भयानक’ बता रहे हैं और आरोपी महिला को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और परिवारिक तनावों के मुद्दे पर एक बार फिर गंभीर बहस को जन्म दे रही है।एक मां का अपने ही बच्चों को गोली मार देना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज और संवेदनाओं पर एक गहरा प्रहार है। यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी भयावह परिणाम दे सकती है।अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, ताकि पीड़ित बच्चों को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।











