Education Secretary Row: राजनीतिक गलियारों से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर से बेहद तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रमुख नेताओं में शुमार अभिजीत दीपके ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मौजूदा सरकार प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने के बजाय अप्रत्यक्ष रूप से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश की प्रशासनिक व्यवस्था और शिक्षा तंत्र दोनों ही एक साथ कई गंभीर और बड़े सवालों के घेरे में खड़े नजर आ रहे हैं।

प्रशासनिक फेरबदल: विनीत जोशी का तबादला और नई नियुक्ति
हाल ही में हुए एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को उनके उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटा दिया गया है। उन्हें अब नए दायित्व के रूप में पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह पर 1994 बैच के राजस्थान कैडर के अनुभवी आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया और अहम सचिव बनाया गया है, जिसके बाद से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर काफी तेज हो गया है।

गंभीर आरोप: नए शिक्षा सचिव पर अभिजीत दीपके का दावा
नए शिक्षा सचिव की नियुक्ति को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक तीखा पोस्ट साझा किया है। उन्होंने अपने इस दावे में कहा कि नए शिक्षा सचिव अपनी इस नियुक्ति से पहले पशुपालन विभाग में कार्यरत थे और उनके कार्यकाल के दौरान उन पर बहु-करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। दीपके का तर्क है कि जब पूरा देश नीट पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षा घोटालों से जूझ रहा है और यह विवाद पूरी तरह से व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार से जुड़ा है, ऐसे में दागदार छवि वाले अधिकारी को शिक्षा विभाग की कमान सौंपना देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ और उनका अपमान है।
जवाबदेही और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
अपने बयानों को आगे बढ़ाते हुए अभिजीत दीपके ने कड़े शब्दों में सवाल उठाया कि क्या सरकार देश की जनता से इसी तरह के भ्रष्टाचार से समझौते की उम्मीद करती है? उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह किसी भी प्रकार से सच्ची जवाबदेही को नहीं दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पुरानी मांग को दोहराते हुए कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनकी पार्टी का यह विरोध प्रदर्शन और आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि अभिजीत दीपके द्वारा लगाए गए इन तमाम भ्रष्टाचार के आरोपों की अभी तक किसी भी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही सरकार की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया आई है।
कौन हैं नरेश पाल गंगवार? जानिए उनका पूरा शैक्षणिक सफर
नए उच्च शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार का जन्म 21 अक्टूबर 1970 को हुआ था और वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1994 बैच के बेहद योग्य राजस्थान कैडर के अधिकारी हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने अपनी शुरुआती उच्च शिक्षा देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से पूरी की है। उन्होंने रुड़की विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री, इसके बाद आईआईटी दिल्ली से कम्युनिकेशन विषय में एमटेक और अंत में राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से अर्थशास्त्र में एमए की डिग्री प्राप्त की है।
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