Abhijeet Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और Gen-Z आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल अभिजीत दिपके ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने के प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के अध्यक्ष रामदास अठावले की ओर से पार्टी में शामिल होने के निमंत्रण पर दिपके ने सवाल उठाया कि जब कुछ समय पहले तक उन्हें और आंदोलन से जुड़े युवाओं को ‘एंटी-नेशनल’ कहा जा रहा था, तो अब अचानक उन्हें गठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव क्यों दिया जा रहा है।
रामदास अठावले ने बताया युवा और अंबेडकरवादी नेता
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान अभिजीत दिपके को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने दिपके को युवा, सक्रिय और अंबेडकरवादी नेता बताते हुए उन्हें अपनी पार्टी RPI(A) में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। अठावले के मुताबिक, दिपके अगर उनकी पार्टी के साथ आते हैं तो वे NDA का हिस्सा बनकर डॉ. बी.आर. अंबेडकर के विचारों और उनके सपनों को आगे बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं।
समाज और दलित राजनीति मजबूत करने की अपील
अठावले ने दिपके को राजनीति में आने की सलाह देते हुए कहा कि उनके जैसे युवा नेताओं की सक्रिय भागीदारी से समाज और दलित राजनीति को मजबूती मिल सकती है। उन्होंने अपने प्रस्ताव को व्यापक सामाजिक हित से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं को व्यवस्था के भीतर रहकर बदलाव लाने की कोशिश करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने NEET-UG 2026 पेपर लीक और उससे जुड़े छात्र आंदोलनों का भी उल्लेख किया।
सरकार की कार्रवाई का अठावले ने किया बचाव
NEET-UG विवाद और छात्र प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए अठावले ने कहा कि सरकार गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में विश्वास रखती है। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक और अनियमितताओं से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने दिपके से सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा बनने की अपील की।
दिपके ने पुराने बयानों की याद दिलाई
अठावले के प्रस्ताव के बाद अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया के जरिए सत्ता पक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने अपने पोस्ट में पुराने घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए पूछा कि जब कुछ ही समय पहले छात्र अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तब उन्हें अलग नजरिए से क्यों देखा गया। दिपके ने इस विरोधाभास को अपने जवाब का मुख्य आधार बनाया।
‘एंटी-नेशनल’ कहे जाने पर जताई नाराजगी
दिपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बीजेपी के कुछ नेताओं ने आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को ‘एंटी-नेशनल’ और ‘आतंकियों की बी-टीम’ तक कहा गया था। ऐसे में अब उन्हें युवा और अंबेडकरवादी नेता बताते हुए राजनीतिक दल में शामिल होने का न्योता दिया जाना सवाल खड़े करता है।
मोहन भागवत के बयान का भी किया जिक्र
अभिजीत दिपके ने अपने जवाब में RSS प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान का भी हवाला दिया। भागवत ने कहा था कि अपनी जायज मांगों के लिए प्रदर्शन करने वाले Gen-Z युवाओं को देशद्रोही या एंटी-नेशनल नहीं कहा जाना चाहिए। दिपके ने इसी बयान को आधार बनाते हुए बीजेपी नेताओं से भागवत की सलाह पर अमल करने की बात कही और विरोध करने वाले युवाओं के प्रति नजरिया बदलने का संदेश दिया।
चुनावी राजनीति में उतरने की योजना नहीं
दिपके और CJP की ओर से पहले ही यह स्पष्ट किया जा चुका है कि उनका फिलहाल चुनावी राजनीति में उतरने या अलग राजनीतिक दल बनाने का कोई इरादा नहीं है। संगठन खुद को सामाजिक आंदोलन और प्रेशर ग्रुप के तौर पर आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य विभिन्न जन मुद्दों को उठाना और सरकार तथा प्रशासन पर सुधार के लिए दबाव बनाना बताया गया है।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान पर फोकस
राजनीतिक दलों से दूरी बनाए रखते हुए अभिजीत दिपके ने जमीनी स्तर पर सामाजिक मुद्दों को उठाने की दिशा में काम शुरू किया है। हाल ही में महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के उद्देश्य से सोशल ऑडिट और ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया गया है। इसके जरिए सरकारी शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने लाने और आवश्यक सुधारों की मांग करने पर जोर दिया जा रहा है।
राजनीतिक प्रस्ताव के बीच आंदोलन का रुख साफ
रामदास अठावले के निमंत्रण और अभिजीत दिपके के जवाब ने एक बार फिर CJP और Gen-Z आंदोलन की राजनीतिक दिशा को चर्चा में ला दिया है। फिलहाल दिपके ने चुनावी राजनीति से दूरी बनाए रखने का संकेत दिया है। उनके जवाब से यह भी स्पष्ट है कि आंदोलन के दौरान सत्ता पक्ष की ओर से की गई टिप्पणियों को लेकर उनकी नाराजगी बरकरार है। अब देखना होगा कि भविष्य में CJP सामाजिक आंदोलन के रूप में अपनी भूमिका को किस तरह आगे बढ़ाता है।
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