Abhishek Banerjee Office: कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में सोमवार दोपहर पुलिस, दमकल विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम पहुंची। अधिकारियों ने कार्यालय के साथ पूरी इमारत की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि टीम की यह कार्रवाई मुख्य रूप से फायर ऑडिट के तहत की गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश की कि भवन में आग से बचाव के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। नगर निगम की टीम ने भवन से जुड़े निर्माण और दस्तावेजों की भी जानकारी जुटाई।
आग से सुरक्षा इंतजामों की हुई जांच
फायर ऑडिट के दौरान अधिकारियों ने इमारत में लगे अग्निशमन उपकरणों की स्थिति देखी। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति में लोगों के बाहर निकलने के रास्तों, सुरक्षा इंतजामों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। टीम ने यह भी देखा कि किसी संभावित आग की घटना के समय भवन में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं। यदि निरीक्षण में अग्नि सुरक्षा से संबंधित कोई कमी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों की ओर से उसे दूर करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
स्वीकृत बिल्डिंग प्लान का भी मिलान
फायर ऑडिट के साथ नगर निगम अधिकारियों ने भवन के स्वीकृत नक्शे की भी जांच की। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे रहे कि इमारत का मौजूदा निर्माण स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के अनुरूप है या नहीं। भवन में किसी तरह का अतिरिक्त निर्माण अथवा बिना अनुमति के बदलाव किए जाने की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इमारत के बाहर एक शेड बनाए जाने को लेकर भी सवाल उठे हैं। अब नगर निगम संबंधित निर्माण की अनुमति और दस्तावेजों की जांच कर रहा है।
कथित अनधिकृत होर्डिंग से जुड़ा विवाद
अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के बाहर लगाए गए एक कथित अनधिकृत होर्डिंग को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। इस मामले को लेकर मौके पर तनाव और झड़प की स्थिति भी बनी थी। घटना के बाद पुलिस ने संबंधित मामलों में कार्रवाई की थी और कुछ लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई थी। ऐसे समय में कार्यालय और इमारत का फायर ऑडिट तथा भवन योजना की जांच किए जाने से मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, अधिकारियों की मौजूदा कार्रवाई को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
निर्माण नियमों के उल्लंघन पर हो सकती है कार्रवाई
नगर निगम की जांच में यदि भवन या उसके आसपास कोई निर्माण स्वीकृत नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। खासतौर पर बाहर बनाए गए शेड की अनुमति और उसके निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल अधिकारियों ने जांच पूरी होने से पहले किसी तरह की अंतिम कार्रवाई या निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। इसलिए मौजूदा स्थिति को जांच प्रक्रिया के रूप में ही देखा जा रहा है।
फायर ऑडिट की रिपोर्ट पर रहेगी नजर
अधिकारियों के निरीक्षण के बाद अब फायर ऑडिट और भवन संबंधी जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी मिलती है तो उसे सुधारने के लिए समय दिया जा सकता है। वहीं, स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण मिलने पर नगर निगम नियमानुसार कदम उठा सकता है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल पुलिस, दमकल और नगर निगम की संयुक्त जांच के कारण अभिषेक बनर्जी के कार्यालय से जुड़ा यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा में बना हुआ है।
Read More : Reservation Quota Debate : ऊंची जातियों के आरक्षण पर चिराग पासवान का बड़ा बयान, बोले- ये तो सरकार की जिम्मेदारी है