Balrampur News : बलरामपुर जिले के थाना शंकरगढ़ क्षेत्र में वर्ष 2020 में हुई सनसनीखेज लूटकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने पांच वर्ष बाद मुंबई से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी संजय मिश्रा गिरफ्तारी के डर से मुंबई में पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीक और उत्कृष्ट दक्षता का परिचय देते हुए उसे ट्रेस कर गिरफ्तार किया।

मामला थाना शंकरगढ़, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के अपराध क्रमांक 132/2020, धारा 392, 420, 120(बी) भादवि से जुड़ा है। गिरफ्तार आरोपी संजय कुमार मिश्रा पिता बैजनाथ मिश्रा, 38 वर्ष, निवासी ईटावरी, थाना जवा, जिला रीवा (म.प्र.) है।

लूट की वारदात का मामला
दिनांक 10 दिसंबर 2020 को शंकरगढ़ निवासी रूपेश कुमार अग्रवाल के घर पूजा-पाठ के बहाने पहुंचे तथाकथित बाबा संजय शर्मा उर्फ सच्चिदानंद, आंसुतोष सिंह और संजय मिश्रा ने बड़ी चालाकी से लूट की घटना को अंजाम दिया था। प्रार्थी ने बताया कि पूजा के बाद “बाबा” लोगों ने उसे चांदी के गणेश-लक्ष्मी मूर्ति और ₹1,71,000 नगद विसर्जन के लिए नदी तक ले जाने को कहा। भोंदना नदी पहुंचने पर बाबाओं ने रूपेश को धक्का देकर गिरा दिया और उसके गले से तीन तोला सोने की चैन, पूजा थाली में रखे ₹1,71,000 नगद व मूर्तियां लेकर फरार हो गए।
विवेचना और गिरफ्तारी
शिकायत के बाद थाना शंकरगढ़ में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान एक आरोपी आंसुतोष सिंह को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से नगदी ₹10,100, स्कॉर्पियो वाहन (एमपी 19 सीबी 9280), मोबाइल, लकड़ी का चप्पल और अन्य वस्तुएं जब्त की गईं।
मुख्य आरोपी संजय मिश्रा घटना के बाद से फरार था। पुलिस टीम ने लगातार तलाश जारी रखी और अत्याधुनिक तकनीक की मदद से आरोपी का लोकेशन मुंबई में ट्रेस किया। आरोपी को वहां से विधिवत गिरफ्तार कर बलरामपुर लाया गया।
न्यायिक कार्यवाही
आरोपी संजय मिश्रा को जेएमएफसी न्यायालय राजपुर में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र जायसवाल, सउनि रफैल तिर्की, आरक्षक अशोक गोयल एवं सुखलाल सिंह की सराहनीय भूमिका रही। पांच वर्ष पुराने इस प्रकरण में आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की सतत मेहनत और तकनीकी दक्षता का परिणाम है।











