Adani Bribery Case
Adani Bribery Case: भारतीय उद्योग जगत के दिग्गज गौतम अडानी के लिए बीता शुक्रवार किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हुआ। अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) द्वारा कथित धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी के मामले में समन जारी करने की खबरों ने वैश्विक बाजार में हलचल पैदा कर दी। जैसे ही यह खबर सार्वजनिक हुई, अडानी ग्रुप की सभी सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने घबराहट में भारी बिकवाली शुरू कर दी। इस कानूनी संकट ने निवेशकों के भरोसे को बुरी तरह डगमगा दिया है, जिससे ग्रुप की मार्केट वैल्यू और गौतम अडानी की व्यक्तिगत संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा है।
शुक्रवार को हुई शेयर बाजार की उठापटक में गौतम अडानी की कुल संपत्ति में $7.86 अरब डॉलर की भारी कमी दर्ज की गई। अगर भारतीय मुद्रा में इसकी गणना करें, तो यह नुकसान लगभग 72,000 करोड़ रुपये से अधिक बैठता है। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस गिरावट के बाद अडानी की नेटवर्थ घटकर $70 अरब डॉलर रह गई है। इस झटके के बाद वे न केवल दुनिया के टॉप-20 अमीरों की सूची से बाहर होकर 24वें स्थान पर पहुँच गए हैं, बल्कि एशिया में भी उनकी रैंकिंग गिरकर अब तीसरे नंबर पर आ गई है। अब मुकेश अंबानी पहले और चीन के झोंग शैनशैन दूसरे स्थान पर काबिज हैं।
अडानी ग्रुप के शेयरों में 13 प्रतिशत तक की गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी अदालत में दायर एक याचिका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अभियोजकों ने गौतम और सागर अडानी के खिलाफ 26.5 करोड़ डॉलर की कथित रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के मामले में समन जारी करने की अनुमति मांगी है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रुप की छवि को प्रभावित कर रहा है। हालांकि, अडानी समूह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। समूह ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह निराधार, बेबुनियाद और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के विरुद्ध बताया है।
अडानी समूह के संकट का असर केवल एक ग्रुप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लाल निशान हावी रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में भी $1.65 अरब डॉलर की गिरावट आई, क्योंकि रिलायंस के शेयर 1.13 प्रतिशत तक गिर गए थे। वर्तमान में अंबानी $92.6 अरब की संपत्ति के साथ एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। शुक्रवार को सेंसेक्स 769 अंक टूटकर 81,537 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 241 अंकों की गिरावट के साथ 25,048 के स्तर पर आ गया। बाजार की इस चौतरफा गिरावट ने निवेशकों के अरबों रुपये स्वाहा कर दिए।
कानूनी चुनौतियों के बीच अडानी समूह ने निवेशकों को आश्वस्त करने की कोशिश की है कि कंपनी के फंडामेंटल्स मजबूत हैं। समूह ने स्पष्ट किया कि वे हमेशा कानून सम्मत कार्य करते हैं और किसी भी कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार हैं। हाल ही में अडानी पावर द्वारा जुटाए गए ₹7,500 करोड़ के फंड में एसबीआई और आईसीआईसीआई जैसे बड़े बैंकों की भागीदारी समूह की वित्तीय साख को दर्शाती है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी अदालत के आगामी फैसले और इस विवाद की अवधि समूह की भविष्य की विस्तार योजनाओं और वैश्विक फंडिंग पर गहरा असर डाल सकती है।
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