Disha Salian Case : दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI की जांच शुरू होने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने सितंबर 2026 में मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। एजेंसी ने जांच के तहत बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी सफाई
शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने मामले में अपना नाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया के जरिए सफाई दी। उन्होंने कहा कि वह दिशा सालियान को कभी नहीं जानते थे और न ही उनसे उनकी कोई मुलाकात या व्यक्तिगत परिचय था। आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि पिछले करीब छह वर्षों से इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के साथ उनका नाम जोड़े जाने की कोशिश की जा रही है।
राजनीतिक मकसद से नाम जोड़ने का लगाया आरोप
आदित्य ठाकरे ने अपने बयान में कहा कि कुछ लोग राजनीतिक मकसद, व्यक्तिगत दुश्मनी और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार उनका नाम इस मामले से जोड़ते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह केवल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अपनी बात रख रहे हैं। उनके मुताबिक, बिना किसी संबंध या ठोस सबूत के उनका नाम चर्चा में लाया जाता रहा है।
मीडिया बहसों पर भी आदित्य ठाकरे ने उठाए सवाल
आदित्य ठाकरे ने टेलीविजन बहसों और मीडिया ट्रायल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप और लगातार होने वाली बहसों से वास्तविक तथ्य नहीं बदलते। उनका कहना है कि किसी भी मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए आधिकारिक जांच और उपलब्ध सबूतों को महत्व दिया जाना चाहिए, न कि केवल सार्वजनिक चर्चाओं को।
निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया का किया समर्थन
शिवसेना (UBT) नेता ने कहा कि मामले की जांच संबंधित आधिकारिक एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से करने दी जानी चाहिए। उन्होंने जांच में राजनीतिक हस्तक्षेप का विरोध करते हुए निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपों और प्रचार के जरिए उन्हें चुप कराने की कोशिश सफल नहीं होगी और वह अपने खिलाफ लगाए जा रहे दावों का जवाब देते रहेंगे।
दिशा सालियान की 2020 में हुई थी मौत
दिशा सालियान मुंबई में सेलिब्रिटी मैनेजर के तौर पर काम करती थीं। 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। उनकी मौत के कुछ दिन बाद 14 जून को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मृत्यु हुई। दोनों घटनाओं के बीच कम समय का अंतर होने के कारण सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में कई तरह के दावे सामने आए।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI ने शुरू की जांच
दिशा के पिता सतीश सालियान ने मामले में नई जांच और CBI जांच की मांग की थी। उन्होंने पुलिस की पिछली जांच पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। बॉम्बे हाई कोर्ट ने सितंबर में CBI को FIR दर्ज कर मामले के सभी पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि जांच में पर्याप्त सबूत मिलने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जा सकता।
CBI जांच के बाद अब सामने आएंगे तथ्य
CBI ने FIR दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, FIR में कई लोगों के नाम और आरोपों से जुड़े पहलुओं का उल्लेख है। हालांकि, FIR में नाम होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। अब जांच एजेंसी उपलब्ध दस्तावेजों, बयानों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
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