Putin Kim meeting: चीन में हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की मुलाकात के बाद एक अनोखा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में किम जोंग उन के स्टाफ को उनके कमरे में मौजूद हर निशान को मिटाते हुए देखा गया है। खास बात यह है कि उस कुर्सी के आर्मरेस्ट, गद्दी और टेबल तक को बारीकी से पोंछा गया, वहीं किम द्वारा इस्तेमाल किया गया गिलास एक विशेष ट्रे पर सुरक्षित रखा गया।

फॉरेंसिक सफाई की वजह पर उठे सवाल
रूसी पत्रकार एलेक्ज़ेंडर यूनाशेव ने अपने यूट्यूब चैनल Yunashev Live पर इस वीडियो को साझा करते हुए बताया कि मुलाकात के तुरंत बाद किम जोंग उन के स्टाफ ने इस तरह की फॉरेंसिक जैसी सफाई की। स्टाफ ने न केवल गिलास हटा लिया, बल्कि उस कुर्सी और फर्नीचर के उन हिस्सों को भी सावधानी से साफ किया, जिन्हें किम ने छुआ था।
सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर यह कदम क्यों उठाया गया, इसका खुलासा फिलहाल नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रूस या चीन की खुफ़िया एजेंसियों की निगरानी से बचने के लिए हो सकता है।
The staff accompanying the North Korean leader meticulously erased all traces of Kim's presence.
They took the glass he drank from, wiped down the chair's upholstery, and cleaned the parts of the furniture the Korean leader had touched. pic.twitter.com/JOXVxg04Ym
— Russian Market (@runews) September 3, 2025
जैविक निशानों की सुरक्षा पर सख्ती
रिपोर्ट्स के मुताबिक, किम जोंग उन अकेले नहीं हैं जो अपने जैविक निशानों को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं। इसी तरह, पुतिन भी अपनी विदेश यात्राओं के दौरान अपने डीएनए और जैविक पदार्थों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम अपनाते हैं। उनके बॉडीगार्ड्स उनके मूत्र और मल को विशेष बैग में भरकर रूस लेकर जाते हैं ताकि कोई दुश्मन देश उनकी स्वास्थ्य स्थिति का पता न लगा सके। यह प्रक्रिया 2017 से लागू है और इसे विश्व के सबसे सख्त सुरक्षा उपायों में गिना जाता है।
पुतिन-किम मुलाकात: रणनीतिक रिश्तों की पुष्टि
किम जोंग उन ने पुतिन को आश्वासन दिया कि उत्तर कोरिया रूस के प्रति हर संभव सहयोग देगा। दोनों नेताओं ने इस मुलाकात के दौरान अनौपचारिक बातचीत भी की, जिसमें चाय पर चर्चा शामिल थी। खबरों के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने रूस-यूक्रेन युद्ध में अपने सैनिक भेजे हैं, जिनमें से करीब 2,000 की जान जा चुकी है।
यह यात्रा किम की महामारी के बाद पहली चीन यात्रा थी, जिसमें उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत 20 से अधिक देशों के नेताओं से मुलाकात की। 2024 में रूस और उत्तर कोरिया के बीच हुए रक्षा संधि के बाद दोनों देशों के रिश्ते दशकों के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं।
पुतिन-किम की यह मुलाकात न केवल राजनीतिक और सैन्य सहयोग को मजबूत करने वाली है, बल्कि इसके पीछे की गुप्त सुरक्षा उपाय भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। फॉरेंसिक स्तर की सफाई और जैविक निशानों की सुरक्षा की यह रणनीति दिखाती है कि आज के वैश्विक नेताओं को अपनी निजता और सुरक्षा को लेकर कितनी सतर्कता बरतनी पड़ती है।


















