Israel Hamas Ceasefire: गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच संघर्षविराम के बाद मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदें प्रबल हो गई हैं। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई फोन वार्ता ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गतिविधियों को और गति दे दी है। दोनों नेताओं ने इस बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, सीरिया की स्थिरता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना पर विस्तृत चर्चा की। ट्रंप की पहल से बना संघर्षविराम यह संघर्षविराम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर संभव हुआ है। उनकी मध्यस्थता में हुए समझौते के तहत गाजा में बंदी बनाए गए इजरायली नागरिकों की रिहाई के बदले इजरायली जेलों में कैद फिलिस्तीनी बंदियों को छोड़ा जाएगा। इससे पहले 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर हमले के बाद यह संघर्ष शुरू हुआ था, जो सैकड़ों जानें ले चुका है। नेतन्याहू-पुतिन की अहम बातचीत सोमवार को पुतिन और नेतन्याहू के बीच हुई फोन बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, नेतन्याहू ने पुतिन को उनके जन्मदिन की बधाई भी दी, लेकिन मुख्य चर्चा का केंद्र ईरान का परमाणु कार्यक्रम रहा। दोनों नेताओं ने राजनयिक समाधान की आवश्यकता पर जोर देते हुए इसे क्षेत्रीय शांति के लिए जरूरी बताया। इसके साथ ही उन्होंने सीरिया में शांति और स्थिरता लाने के प्रयासों पर भी चर्चा की। गौरतलब है कि रूस और इजरायल दोनों ही सीरिया में अपनी-अपनी भूमिका निभा रहे हैं और वहां की स्थिरता सीधे तौर पर क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित करती है। परमाणु संधि को लेकर आशा एक और अहम घटनाक्रम के तहत क्रेमलिन ने राष्ट्रपति ट्रंप की उस टिप्पणी का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने रूस की ओर से न्यू स्टार्ट परमाणु हथियार नियंत्रण संधि को एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को “उचित विचार” बताया। पुतिन ने हाल ही में अमेरिका से इस संधि को जारी रखने की अपील की थी, जिसे ट्रंप की सहमति से बल मिला है। वैश्विक शांति की ओर बढ़ते कदम? इजरायल-हमास संघर्षविराम, रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा और परमाणु हथियार नियंत्रण संधि को लेकर सामने आ रही सकारात्मक गतिविधियों को वैश्विक शांति की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। अमेरिका, रूस और इजरायल जैसे शक्तिशाली देशों की कूटनीतिक सक्रियता यह संकेत देती है कि आने वाले समय में दुनिया कुछ बड़े बदलावों की ओर बढ़ सकती है।नेतन्याहू और पुतिन की यह बातचीत केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक बड़ी रणनीतिक कवायद का हिस्सा है। अमेरिका की मध्यस्थता और दोनों नेताओं की सहभागिता से यह स्पष्ट है कि अब दुनिया के बड़े देश संघर्षों को समाप्त कर स्थायीत्व की दिशा में ठोस कदम उठाने को तैयार हैं। Read More: India slams Pakistan: संयुक्त राष्ट्र में भारत की सख्त लताड़,”अपने नागरिकों पर बमबारी करने वाला देश हमें न सिखाए मानवाधिकार”
















