Ahmedabad plane crash: 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के भीषण हादसे में 270 लोगों की मौत हुई थी। इस त्रासदी के एक महीने बाद अब मुख्य पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल के पिता पुष्करराज सभरवाल ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 91 वर्षीय पुष्करराज ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर हादसे की नई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

“बेटे की छवि को नुकसान पहुंचाया गया”
पुष्करराज का आरोप है कि AAIB की रिपोर्ट में कुछ चुनिंदा बातें लीक कर यह संकेत देने की कोशिश की गई कि कैप्टन सभरवाल अवसाद में थे और आत्महत्या करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि यह दावा न केवल निराधार है, बल्कि इससे उनके बेटे की पेशेवर छवि को गहरा आघात पहुंचा है।

उन्होंने लिखा, “सुमीत का 15 साल पहले तलाक हो गया था और मां के निधन के बाद वह अकेले थे, लेकिन उन्होंने 100 से अधिक फ्लाइट्स को सफलतापूर्वक उड़ाया था। 25 वर्षों के करियर में उनके नाम कोई हादसा नहीं रहा।”
बोइंग पर भी सवाल
कैप्टन सभरवाल के पिता ने विमान निर्माता कंपनी बोइंग पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बोइंग ने पहले भी सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी पायलटों से छिपाई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि इथियोपियन एयरलाइंस हादसे में भी जांच में यह बात सामने आई थी कि पायलटों को सॉफ्टवेयर बदलावों की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।
AAIB की रिपोर्ट पर विवाद
12 जुलाई को जारी AAIB की प्राइमरी रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दोनों इंजन के फ्यूल सप्लाई स्विच बंद हो गए थे और संभवतः यह गलती पायलट की थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया, विशेष रूप से वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया कि पायलट ने खुद ही स्विच बंद किए थे।

पुष्करराज ने इसे “एकतरफा और भ्रामक जानकारी” करार दिया। उनका कहना है कि “मेरे बेटे की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई जा रही है, जबकि दुर्घटना के अन्य तकनीकी पहलुओं की पूरी जांच नहीं की गई है।”
पायलट संगठन भी रिपोर्ट से असंतुष्ट
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने भी AAIB की रिपोर्ट को अधूरी और पक्षपाती बताते हुए विरोध जताया है। FIP अध्यक्ष सीएस रंधावा ने कहा कि बिना पारदर्शी जांच के पायलट को दोष देना गैर-जिम्मेदाराना है। संगठन का कहना है कि रिपोर्ट में सिर्फ कॉकपिट की बातचीत के कुछ हिस्से पेश किए गए, जो पूरे घटनाक्रम को तोड़-मरोड़कर दर्शाते हैं।
औपचारिक जांच की मांग
पुष्करराज सभरवाल ने केंद्र सरकार से विमान दुर्घटनाओं की औपचारिक जांच (नियम 12, 2017) के तहत दोबारा जांच कराने की अपील की है। उनका मानना है कि सच्चाई तभी सामने आएगी जब पूरी पारदर्शिता से हर पहलू की निष्पक्ष जांच होगी।अहमदाबाद विमान हादसे की जांच अब एक संवेदनशील मोड़ पर है। जहां एक ओर तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की मांग हो रही है, वहीं मृत पायलट के परिवार और पायलट संगठनों की आपत्तियां भी सरकार के लिए नई जिम्मेदारी बन गई हैं। क्या अब इस हादसे की निष्पक्ष जांच होगी या फिर चुनिंदा तथ्यों के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा — यह देखना बाकी है।
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