ChatGPT investment risk: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट ChatGPT के तीन साल पूरे होने को हैं और इस बीच यह निवेश की दुनिया में भी तेजी से अपनी जगह बना रहा है। अब तक बड़े बैंक और संस्थागत निवेशक ही जिनके पास महंगे डेटा एनालिसिस टूल्स होते थे, वे ही स्टॉक्स का चयन कर पाते थे। लेकिन आज कम से कम 10 में से एक रिटेल निवेशक ChatGPT जैसे AI टूल का इस्तेमाल स्टॉक चुनने के लिए कर रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों की चेतावनी है कि इस तरीके में जोखिम भी कम नहीं है। AI और रोबो-एडवाइजरी मार्केट का तेजी से विकास ChatGPT जैसी AI तकनीकों ने निवेशकों को स्टॉक मार्केट की गहराईयों तक पहुंचाया है। इससे वे बिना महंगे टूल्स के स्टॉक का विश्लेषण कर सकते हैं, निवेश की रणनीतियां बना सकते हैं और मार्केट की हलचल पर नजर रख सकते हैं। डेटा एनालिसिस फर्म रिसर्च एंड मार्केट्स के अनुसार, रोबो-एडवाइजरी मार्केट का रेवेन्यू अगले चार वर्षों में 61.75 बिलियन डॉलर से बढ़कर 470.91 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह 600 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है, जो फिनटेक और वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर में AI की बढ़ती भूमिका को साबित करता है। ChatGPT से स्टॉक चयन: सुविधा के साथ जोखिम भी UBS के विश्लेषक जेरेमी लेउंग ने बताया कि वे पिछले साल से मल्टी-एसेट पोर्टफोलियो के लिए ChatGPT का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनकी मानें तो ब्लूमबर्ग जैसे महंगे प्लेटफॉर्म्स के बिना भी ChatGPT से काफी मदद मिलती है। हालांकि, वे यह भी चेतावनी देते हैं कि ChatGPT कई बार जरूरी एनालिसिस से चूक जाता है, जबकि पेशेवर प्लेटफॉर्म्स गहन और सटीक डेटा प्रदान करते हैं। एक हालिया सर्वे के मुताबिक, विश्व के लगभग आधे रिटेल निवेशक ChatGPT जैसे AI टूल्स का स्टॉक चयन और पोर्टफोलियो प्रबंधन के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं। ब्रिटेन में 40 प्रतिशत लोग पर्सनल फाइनेंस एडवाइज के लिए AI चैटबॉट का उपयोग कर चुके हैं। वहीं, 13 प्रतिशत निवेशक पहले से ही AI टूल्स का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे हैं। ChatGPT खुद भी देता है निवेश को लेकर चेतावनी ChatGPT निवेश सलाह में पारंपरिक वित्तीय सलाहकारों की जगह नहीं ले सकता। यह बात खुद AI टूल भी मानता है और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह देता है। यूके की फिनटेक कंपनी eToro के मैनेजिंग डायरेक्टर डैन मोक्ज़ुल्स्की कहते हैं कि “AI मॉडल शानदार हो सकते हैं, लेकिन जोखिम तब आता है जब लोग सामान्य AI टूल्स को क्रिस्टल बॉल समझकर बिना जांच-परख के निवेश कर देते हैं।” मोक्ज़ुल्स्की के अनुसार, मार्केट एनालिसिस के लिए खास तौर पर डिजाइन किए गए AI-जनरेटेड प्लेटफॉर्म्स ही भरोसेमंद होते हैं। सामान्य AI मॉडल कभी-कभी डेटा गलत बता सकते हैं या तिथियों और घटनाओं की जानकारी अपडेट न होने के कारण निवेशकों को गुमराह कर सकते हैं। AI तकनीक ने निवेश के तरीके को काफी हद तक बदल दिया है। ChatGPT जैसे टूल्स ने रिटेल निवेशकों को स्टॉक चयन और पोर्टफोलियो प्रबंधन में नया विकल्प दिया है, जिससे यह क्षेत्र और अधिक लोकतांत्रिक और सुलभ हुआ है। लेकिन निवेशक यह समझें कि AI केवल एक मददगार उपकरण है, पूरी तरह से उस पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। पारंपरिक वित्तीय सलाहकारों का अनुभव और गहन विश्लेषण अभी भी निवेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। Read More : US Pakistan relations: डोनाल्ड ट्रंप की पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से ओवल ऑफिस में मुलाकात, अमेरिकी-पाक संबंधों में बदलाव का संकेत














