Akhilesh Yadav Caste Census : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार, 30 अगस्त को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योगी आदित्यनाथ सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने खास तौर पर बुंदेलखंड, खंगार समाज, जाति जनगणना, कानून व्यवस्था, एक्सप्रेसवे और सरकारी संपत्तियों को लेकर अपनी बात रखी।
महाराजा खेतसिंह खंगार की प्रतिमा लगाने का ऐलान
अखिलेश यादव ने कहा कि जुझौतिखंड गढ़कुंडार के नरेश महाराजा खेतसिंह खंगार जूदेव को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। उन्होंने घोषणा की कि सत्ता में आने पर समाजवादी पार्टी लखनऊ में प्रतिष्ठित स्थान पर महाराजा खेतसिंह खंगार की प्रतिमा स्थापित कराएगी। उन्होंने कहा कि गोमती नदी के किनारे भी प्रतिमा लगाने की योजना है।
जाति जनगणना और समाज को सम्मान देने का वादा
सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी जाति जनगणना की मांग को लगातार उठाती रही है। उन्होंने दावा किया कि अगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो तीन महीने के भीतर जाति जनगणना कराने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। उन्होंने अर्कवंशी और खंगार समाज के लोगों को राजनीतिक और सामाजिक सम्मान देने की भी बात कही।
खंगार समाज के लिए कई घोषणाएं
अखिलेश यादव ने कहा कि सत्ता में आने पर खंगार समाज के लोगों को उचित प्रतिनिधित्व और सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने महाराजा खेतसिंह खंगार की अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित कराने की बात कही। साथ ही महिलाओं को 40 हजार रुपये देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कन्या विद्या धन और अन्य राहत योजनाओं के जरिए जरूरतमंद परिवारों को सहायता देगी।
बीजेपी की प्रतिमा को लेकर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने महाराजा खेतसिंह खंगार की प्रतिमा स्थापित कराई थी, लेकिन वह कथित भ्रष्टाचार के कारण टिक नहीं सकी और टूट गई। उन्होंने बीजेपी पर पहले प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष की प्रतिमा को लेकर भी तंज कसा। अखिलेश ने कहा कि उनकी सरकार इससे अलग बेहतर गुणवत्ता वाली अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित करेगी।
एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बनाए गए एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद क्षतिग्रस्त होने का दावा किया। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे के धंसने और कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि जब सरकार आधुनिक तकनीक और स्पेस टेक्नोलॉजी की बात करती है तो निर्माण कार्यों में ऐसी समस्याएं क्यों सामने आ रही हैं।
कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर हमला
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पुलिस व्यवस्था को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। अंकित बालियान हत्याकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरे प्रदेश के अपराधी उत्तर प्रदेश में आकर हत्या कर चले जाते हैं और पीड़ित परिवार न्याय की मांग करता रह जाता है।
सरकारी संपत्तियों को बेचने का लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने सरकार पर सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने कन्नौज में उत्तर प्रदेश के पहले गाय के दूध के प्लांट और लखनऊ में क्लार्क होटल के पास की जमीन को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि सरकार की नीतियों के कारण महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण नहीं हो पा रहा है।
राम मंदिर दान को लेकर भी सरकार पर निशाना
सपा प्रमुख ने राम मंदिर से जुड़े दान को लेकर सामने आए विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिर के आसपास लोग दान मांगते हैं, लेकिन मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी तरह की अनियमितता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जनता इस बार सरकार को उसके कामकाज का जवाब देगी।
बंद स्कूलों को फिर खोलने का दावा
अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में स्कूल बंद हुए हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बंद किए गए करीब 26 हजार स्कूलों को फिर से संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में PDA समाज के बच्चों की बड़ी संख्या पढ़ती है, इसलिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी।
JPNIC को लेकर बीजेपी पर तंज
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित जेपीएनआईसी को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ऐसी शानदार और सिग्नेचर इमारत को केवल बेचने के बारे में सोच सकती है, लेकिन उससे बड़ा निर्माण करने की सोच नहीं रखती। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के जाने के बाद प्रदेश में बड़ी सोच वाली सरकार आएगी।
मोहन भागवत के बयान पर भी साधा निशाना
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता को लेकर दिए संदेश पर भी अखिलेश यादव ने टिप्पणी की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विदेशों में एकता की बातें की जाती हैं, जबकि भारत में समाज को बांटने वाली राजनीति की जाती है। अखिलेश के इन बयानों से साफ है कि विधानसभा चुनाव से पहले सपा सामाजिक समीकरणों और जनहित के मुद्दों को लेकर बीजेपी सरकार पर हमलावर रुख बनाए रखना चाहती है।
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