AkhileshYadav Speech : संसद सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने संसद परिसर के बाहर मीडिया से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुपस्थिति को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “हम संसद में चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन बिना प्रधानमंत्री के हम किससे सवाल पूछें और किसको जवाब दें? बार-बार जो घटनाएं हो रही हैं, चाहे वह पुलवामा हो या फिर हाल ही में पहलगाम की घटना, क्या इसमें कोई चूक नहीं हुई? क्या यह इंटेलिजेंस की विफलता नहीं है?” अखिलेश ने इन घटनाओं को सुरक्षा व्यवस्था में गहरी खामियों का नतीजा बताया।
बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को संसद के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अखिलेश यादव ने कहा, “हर चुनाव जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक नई रणनीति लेकर आती है। अब 8 करोड़ वोटरों के लिए 1-1.5 महीने में नई वोटर लिस्ट बनाने की योजना बनाई जा रही है। यह सीधा-सीधा लोकतंत्र के साथ धोखा है।”
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनावों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “यूपी में पुलिस ने बंदूक के दम पर वोटिंग को रोका। मैं दावे से कह सकता हूं कि कुंदरकी क्षेत्र में CCTV फुटेज निकाला जाए तो पुलिसवाले खुद वोट डालते दिख जाएंगे। अयोध्या में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा, इसलिए मिल्कीपुर सीट को जीतना उनके लिए जरूरी बना दिया गया। यह लोकतंत्र की हत्या है।”
बिहार में चल रहे SIR अभियान पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा, “बीजेपी ऐसी कौन सी मशीन लेकर आ जाती है, जिससे 5 मिनट में वोटर ID और आधार कार्ड तैयार हो जाता है? यह गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग और प्रशासन की मिलीभगत से विपक्षी वोटरों को मतदान से वंचित किया गया।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की खबरों पर भी विपक्ष ने प्रतिक्रिया दी। अखिलेश यादव ने कहा, “हमें जानकारी मिली है कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है। इसमें हम लोग क्या बोल सकते हैं? लेकिन सरकार को इस पर स्पष्ट बयान देना चाहिए।” कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है और इसमें कुछ असामान्य जरूर है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस पर जवाब दे।
धनखड़ के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इसे “चौंकाने वाला और आश्चर्यजनक” बताया। वहीं, सपा सांसद डिंपल यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “सरकार जनता और आम लोगों की बात सुनना ही नहीं चाहती। जो SIR प्रक्रिया अभी चल रही है, उससे कई गंभीर सवाल उठते हैं।”
संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने एक सुर में सरकार पर हमला बोला। जहां एक ओर अखिलेश यादव ने सुरक्षा चूक, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया, वहीं दूसरी ओर उपराष्ट्रपति धनखड़ के इस्तीफे को लेकर भी विपक्ष ने सरकार से पारदर्शिता की मांग की। संसद के गलियारों में मंगलवार को विपक्ष का यह आक्रामक रुख पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।
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