MCB News : प्रदेश की महत्वाकांक्षी सामूहिक कन्या विवाह योजना अब सवालों के घेरे में आ गई है। भरतपुर–सोनहत क्षेत्र के पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने इस योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि वर्ष 2024-25 में आयोजित कार्यक्रम में लगभग ₹21 लाख की सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है।

पूर्व विधायक ने मुख्य सचिव, सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग और कलेक्टर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) को भेजे गए शिकायत पत्र में तत्कालीन जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी शुभम बंसल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुलाब कमरों का आरोप है कि कार्यक्रम के नाम पर टेंट और कैटरिंग जैसी सेवाओं में गड़बड़ी कर मनमाने ढंग से भुगतान किया गया।

क्या हैं आरोप?
एक ही विवाह कार्यक्रम में अलग-अलग परियोजनाओं से लाखों रुपये का भुगतान। बिना जीएसटी नंबर और संदिग्ध बिलों के आधार पर कैटरिंग व टेंट सप्लायर को भुगतान। एक ही फर्म को तीन अलग-अलग परियोजनाओं से चेक जारी कर रकम दी गई। कैटरिंग बिल में 2000 लोगों का खर्च दर्शाया गया, जबकि वास्तविक उपस्थिति 500–600 ही रही।स्थानीय स्तर पर सामग्री उपलब्ध होने के बावजूद बाहर की फर्मों को ठेका दिया गया।
संदिग्ध भुगतान की सूची
शिकायत पत्र में उल्लेख है कि शुभ्रा केटर्स को लगभग ₹5.5 लाख, वेलकम टेंट हाउस नागपुर को ₹4.41 लाख और जेडीबिज सर्विस प्रा. लि. को श्रृंगार सामग्री के लिए ₹7.17 लाख का भुगतान किया गया। इसके अलावा अन्य फर्मों को भी बिना कोटेशन और चयन समिति की स्वीकृति के लाखों रुपये दिए गए।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि पूरा कार्यक्रम तत्कालीन जिला अधिकारी के मौखिक आदेश पर हुआ और नियमित चयन समिति की स्वीकृति व सामग्री सत्यापन प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया गया।
कड़ी कार्रवाई की मांग
गुलाब कमरों ने कहा कि तत्कालीन जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी राशि का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।










