Ambikapur News : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों से बिना भुगतान किए फरार होने की घटनाओं का मामला सामने आया है। ताजा घटना अनुजनगर (लटोरी) स्थित पेट्रोल पंप की बताई जा रही है, जहां एक वाहन में फुल टैंक ईंधन भरवाने के बाद सवार लोग बिना पैसे दिए भाग निकले। पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने सतर्कता दिखाते हुए वाहन का पीछा शुरू किया और करीब 20 किलोमीटर तक उसका पीछा करते हुए अंबिकापुर की अर्बन चौपाटी तक पहुंच गए। घटना के बाद इलाके में इस तरह की वारदातों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पीछा करने की भनक लगते ही कार छोड़कर भागे सवार
जानकारी के अनुसार, पेट्रोल पंप कर्मचारियों को जब वाहन के पीछे होने का पता चलने पर सवार लोगों को पीछा किए जाने की भनक लग गई। इसके बाद उन्होंने जैन मंदिर के बगल में कार खड़ी कर दी और मौके से फरार हो गए। कर्मचारियों ने वाहन को लावारिस हालत में देखा तो पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार की जांच की। बताया गया है कि वाहन के भीतर छिपाकर रखी गई नंबर प्लेट के आधार पर वाहन स्वामी की पहचान की गई। हालांकि, आरोपितों की भूमिका और पहचान से संबंधित विस्तृत जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
नंबर प्लेट निकालकर वारदात करने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर कार, स्कॉर्पियो और अन्य वाहनों की नंबर प्लेट निकालकर पेट्रोल पंप पहुंचते थे। इसके बाद वे फुल टैंक पेट्रोल या डीजल भरवाते और भुगतान के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने का बहाना बनाते थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान कर्मचारियों को उलझाकर वे मौका मिलते ही वाहन तेज रफ्तार से भगाकर निकल जाते थे। नंबर प्लेट हटाने का तरीका अपनाने से वाहन की तत्काल पहचान करना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
तेज रफ्तार से भागने के दौरान हादसे का खतरा
ईंधन भरवाकर बिना भुगतान भागने की घटनाओं में केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा का जोखिम भी पैदा होता है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन सवार कथित तौर पर तेजी से गाड़ी भगाकर निकल जाते थे। ऐसे में दूसरे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। पेट्रोल पंप कर्मचारियों द्वारा पीछा करने के दौरान भी सावधानी जरूरी है, क्योंकि तेज रफ्तार वाहनों का पीछा करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में पुलिस को तुरंत सूचना देना और उपलब्ध वाहन संबंधी जानकारी सुरक्षित रखना अधिक उपयोगी हो सकता है।
सरगुजा समेत आसपास के जिलों में सक्रिय होने की आशंका
बताया जा रहा है कि सरगुजा और आसपास के कई जिलों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। अंबिकापुर शहर और उसके आसपास इसी महीने कथित तौर पर हुई कई वारदातों के बाद पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने सतर्कता बढ़ा दी थी। अनुजनगर (लटोरी) की घटना में कर्मचारियों की सतर्कता के कारण वाहन का पीछा किया जा सका और कार अंबिकापुर में मिली। अब जांच के दौरान यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि बरामद वाहन का संबंध अन्य घटनाओं से है या नहीं और क्या सभी वारदातों में एक ही गिरोह शामिल है।
पुलिस जांच और पेट्रोल पंप संचालकों की मांग
वाहन मिलने के बाद पुलिस के सामने वाहन स्वामी की पहचान, कथित आरोपितों का पता लगाने और दूसरी घटनाओं से संभावित संबंध की जांच जैसे सवाल हैं। पेट्रोल पंप संचालक इस मामले में पुलिस महानिरीक्षक से शिकायत कर जांच की मांग कर रहे हैं। यदि अलग-अलग क्षेत्रों में समान तरीके से घटनाएं हुई हैं, तो वाहन की जानकारी और शिकायतों का मिलान जांच में मददगार हो सकता है। फिलहाल आरोपितों की गिरफ्तारी, घटनाओं की संख्या और संभावित आर्थिक नुकसान को लेकर आधिकारिक पुष्टि सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
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