Ambikapur robbery : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अपराध की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर स्थित कल्याणपुर के घने जंगलों में मंगलवार की रात हथियारबंद बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान लुटेरों ने एक ऑटो चालक को अपना निशाना बनाते हुए उससे मोबाइल लूट लिया और कई अन्य राहगीरों के साथ भी लूटपाट का प्रयास किया। यह पूरी घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र की है, जिसने इलाके में एक बार फिर पुराने दौर के खौफ को ताजा कर दिया है।

पिस्टल की नोक पर ऑटो चालक से लूटपाट
जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार रात करीब 12:40 बजे की है। कल्याणपुर निवासी ऑटो चालक धर्मेंद्र यादव अंबिकापुर में एक शादी समारोह से काम निपटाकर अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह कल्याणपुर के जंगल के बीच पहुंचा, बाइक सवार युवकों ने उसे घेर लिया। बदमाशों ने धर्मेंद्र पर पिस्टल तान दी और पैसों की मांग करने लगे। जब धर्मेंद्र ने बताया कि उसके पास पैसे नहीं हैं, तो बदमाशों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। डर के मारे धर्मेंद्र ने अपना मोबाइल फोन लुटेरों के हवाले कर दिया।
कार सवारों पर तानी पिस्टल, बाल-बाल बची जान
धर्मेंद्र को लूटने के बाद इन बेखौफ बदमाशों ने उसी मार्ग से गुजर रही एक कार को रोकने का प्रयास किया। धरमपुर निवासी सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल अपनी कार से शादी से लौट रहे थे। बदमाशों ने कार की गति कम होते ही चालक की खिड़की पर पिस्टल सटा दी। हालांकि, कार चालक ने सूझबूझ का परिचय दिया और घबराने के बजाय कार की रफ्तार बढ़ा दी। लुटेरों के चंगुल से बचकर कार सवार तेजी से वहां से निकल गए। कार सवारों के भागने के बाद पकड़े जाने के डर से सभी आरोपी अपनी बाइकों पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस की सक्रियता और दो जिलों की संयुक्त जांच
बुधवार सुबह जैसे ही इस वारदात की सूचना पुलिस को मिली, महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी और लटोरी चौकी प्रभारी अरुण कुमार गुप्ता भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान प्रतापपुर एसडीओपी अनूप एक्का भी मौके पर मौजूद रहे। चूंकि यह मार्ग दो जिलों की सीमाओं को जोड़ता है, इसलिए पुलिस आपसी तालमेल के साथ आरोपियों की तलाश कर रही है। धर्मेंद्र यादव के बयान के अनुसार, आरोपियों की संख्या 11 से 12 थी जो लगभग 6 बाइकों पर सवार होकर आए थे।
जंगल के रास्ते पर फिर लौटा दो दशक पुराना खौफ
अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया है। गौरतलब है कि करीब दो दशक पहले यह मार्ग लूटपाट और डकैती की घटनाओं के लिए कुख्यात माना जाता था। लंबे समय तक शांति रहने के बाद अचानक हुई इस बड़ी वारदात ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पुलिस ने दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों के जरिए आरोपियों का सुराग लगाया जा रहा है और जल्द ही इस गिरोह को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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