Korba skeleton Found : छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले कोरबा से एक बेहद सनसनीखेज और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के रजगामार चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुआपहाड़ के दुर्गम जंगलों में एक नर कंकाल पेड़ से लटका हुआ पाया गया है। बुधवार की दोपहर जब कुछ ग्रामीण मवेशी चराने या वनोपज के लिए जंगल की गहराई में गए थे, तब उनकी नजर इस भयावह मंजर पर पड़ी। घने पेड़ों के बीच ऊंचाइयों पर लटकते कंकाल को देखकर इलाके में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने बिना देर किए इसकी सूचना स्थानीय रजगामार पुलिस को दी, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया।

मान सिंह के रूप में हुई पहचान, होली के बाद से थे लापता
जैसे ही पुलिस टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू की गई। मृतक की पहचान दरगा गांव के निवासी मान सिंह (45 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि मान सिंह पेशे से एक सीधे-साधे किसान थे। दुःखद पहलू यह है कि वे पिछले मार्च महीने में होली के त्यौहार के आसपास अचानक लापता हो गए थे। परिजनों ने अपनी तरफ से रिश्तेदारों के घर और आसपास के तमाम गांवों में उन्हें बहुत ढूंढा, लेकिन मान सिंह का कहीं कोई पता नहीं चला। अंततः थक-हारकर परिवार ने रजगामार चौकी में उनकी गुमशुदगी की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कपड़ों और सामान से परिजनों ने की शिनाख्त
कंकाल पूरी तरह से गल चुका था और केवल अस्थिपंजर ही शेष था, जिससे चेहरा पहचानना नामुमकिन था। हालांकि, पेड़ के नीचे और कंकाल पर मिले कपड़ों, जूतों और अन्य व्यक्तिगत सामान के आधार पर परिजनों ने भारी मन से उनकी पुष्टि की। मार्च से लेकर अब तक (मई 2026) का लंबा समय बीत जाने के कारण शव की यह स्थिति हुई थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि शायद मान सिंह किसी दिन सुरक्षित घर लौट आएंगे, लेकिन जंगल से आई इस खबर ने उनकी सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
पहाड़ पर 25 किलोमीटर ऊपर मिला शव: रेस्क्यू में आई चुनौतियां
रजगामार चौकी प्रभारी विनोद सिंह ने बताया कि घटनास्थल तक पहुंचना पुलिस टीम के लिए एक बड़ी चुनौती थी। यह कंकाल सुआपहाड़ की चोटी पर, लगभग 25 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित घने जंगल में मिला था। पुलिस दल को ऊबड़-खाबड़ रास्तों और झाड़ियों को पार करते हुए वहां पहुंचना पड़ा। इतनी दुर्गम जगह पर मान सिंह कैसे पहुंचे और वहां क्या हुआ, यह वर्तमान में एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। पुलिस ने सावधानीपूर्वक कंकाल को पेड़ से नीचे उतरवाया और मौके पर ही पंचनामा की औपचारिकताएं पूरी कीं।
फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम पर टिकी मौत की गुत्थी
पुलिस इस मामले को फिलहाल प्रथम दृष्टया आत्महत्या मानकर चल रही है, लेकिन जांच के दायरे में अन्य संभावनाओं को भी रखा गया है। साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को भी बुलाया गया है। चौकी प्रभारी विनोद सिंह के अनुसार, “मौत का वास्तविक समय, कारण और परिस्थितियां केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत फॉरेंसिक विश्लेषण के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगी।” पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और जंगल से बरामद हर छोटे-बड़े साक्ष्य को जांच के लिए जब्त किया है।
जांच के घेरे में कई अनसुलझे सवाल
मान सिंह की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या उन्होंने स्वयं अपनी जीवनलीला समाप्त की, या इस घटना के पीछे कोई और बाहरी कारण था? वह इतनी दूर जंगल में अकेले क्यों गए थे? पुलिस अब मान सिंह के कॉल डिटेल्स और उनके लापता होने से पहले के व्यवहार की भी जांच कर रही है। रजगामार पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है ताकि सत्य सामने आ सके और मृतक को न्याय मिल सके। फिलहाल, इस घटना से पूरे दरगा क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
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