Anil Ambani ED:
Anil Ambani ED: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (Reliance Infrastructure) के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को घोषणा की कि उसने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA – Foreign Exchange Management Act) के तहत चल रही अपनी जाँच के सिलसिले में कंपनी के एक दर्जन से अधिक बैंक खातों को जब्त कर लिया है। ED का गंभीर आरोप है कि इस फंड का दुरुपयोग किया गया है, यह पैसा वास्तव में देश में सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों (Highways) के निर्माण के लिए जारी किया गया था, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परियोजनाओं को पूरा करना था।
ED की स्पेशल टास्क फोर्स (Special Task Force) ने अपनी गहन जांच के दौरान पाया कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के बैंक खातों में जमा एक बड़ी राशि संदिग्ध लेनदेन से जुड़ी हुई है। तत्काल कार्रवाई करते हुए, एजेंसी ने FEMA, 1999 की धारा 37A के प्रावधानों के तहत कंपनी के 13 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इन जब्त किए गए खातों में कुल ₹54.82 करोड़ रुपये जमा थे। जांच एजेंसी का मानना है कि यह मामला FEMA की धारा 4 का सीधा उल्लंघन है। आरोप है कि नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा हाईवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण के लिए आवंटित सार्वजनिक धन का उपयोग इसके मूल उद्देश्य के लिए नहीं किया गया, बल्कि इसे अन्यत्र डायवर्ट कर दिया गया।
जाँच में सामने आया है कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने कथित तौर पर अपने ‘स्पेशल पर्पस व्हीकल्स’ (SPV) का इस्तेमाल करके NHAI से प्राप्त फंड को सुनियोजित तरीके से डायवर्ट किया। ED का दावा है कि फंड को सीधे तौर पर नहीं निकाला गया, बल्कि एक जटिल और घुमावदार मार्ग से ट्रांसफर किया गया। एजेंसी के अनुसार, कंपनी ने मुंबई स्थित कुछ ‘शेल’ कंपनियों (ऐसी कंपनियाँ जो केवल कागज़ों पर मौजूद होती हैं और कोई वास्तविक कारोबार नहीं करती) के साथ सब-कॉन्ट्रैक्टिंग के फर्जी (Bogus) या दिखावटी समझौते किए। इन नकली सब-कॉन्ट्रैक्ट्स की आड़ में, पहले सार्वजनिक धन को इन शेल कंपनियों में भेजा गया, और फिर वहाँ से इस पैसे को अवैध विदेशी मुद्रा लेनदेन के माध्यम से देश के बाहर ट्रांसफर कर दिया गया। यानी, भारत के बुनियादी ढाँचे (Infrastructure) पर खर्च होने वाला पैसा संदिग्ध रास्तों से विदेश चला गया।
ED की यह जाँच केवल कंपनी के लेनदेन तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि अब इसके तार कंपनी के शीर्ष प्रबंधन (Top Management) तक भी पहुँच रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने इस पूरे मामले में पूछताछ के लिए पिछले महीने ही कंपनी के चेयरमैन अनिल अंबानी को समन भेजा था। हालाँकि, अनिल अंबानी कथित तौर पर अपना बयान दर्ज कराने के लिए एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए थे। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। खबर लिखे जाने तक, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की तरफ से बैंक खातों की इस बड़ी ज़ब्ती और ED द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। यह कार्रवाई अनिल अंबानी और उनकी कंपनी के लिए चल रही वित्तीय और कानूनी चुनौतियों को और बढ़ाती है।
Read More: Kids Ear Pain Winter: बच्चों के कान के दर्द को नजरअंदाज न करें, तुरंत लें ये एक्शन
Telangana Chicken Crisis: तेलंगाना के मांस बाजार में आज से एक बड़ा संकट खड़ा हो…
Gujarat Politics: गुजरात की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। आम आदमी…
Bihar Rajya Sabha Row: बिहार की सियासत में इन दिनों भारी उथल-पुथल मची हुई है।…
Biju Patnaik Row: ओडिशा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के खिलाफ की…
Surguja Crime : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से अपराध की एक चौंकाने वाली खबर सामने…
Assam Politics 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में असम के चुनावी दौरे पर हैं और…
This website uses cookies.