Mallikarjun Kharge : उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। न्याय की मांग कर रहे अंकिता के माता-पिता को पुलिस हिरासत में लिए जाने की घटना पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर निशाना साधा। खड़गे ने आरोप लगाया कि न्याय की गुहार लगाने वाले पीड़ित परिवार के साथ दमनकारी व्यवहार किया जा रहा है। इस घटना ने अंकिता हत्याकांड, कथित वीआईपी की पहचान और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
खड़गे ने सरकार पर लगाए संवेदनहीनता के आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी पोस्ट में सरकार के रवैये को कायरता और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक बेटी को खो चुके माता-पिता जब न्याय की मांग कर रहे हैं, तो उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया। खड़गे ने कथित वीआईपी को राज्यपाल बनाए जाने का मुद्दा उठाते हुए भाजपा सरकार पर राजनीतिक पक्षपात के आरोप भी लगाए। उनके मुताबिक, सत्ता का इस्तेमाल सवालों से बचने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अंकिता को न्याय दिलाने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। हालांकि, खड़गे के बयान में लगाए गए राजनीतिक आरोप कांग्रेस के पक्ष को दर्शाते हैं।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल जिले के गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। 19 वर्षीय अंकिता 18 सितंबर 2022 को लापता हो गई थीं। इसके छह दिन बाद, 24 सितंबर को उनका शव चिल्ला नहर से बरामद किया गया। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया था। मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई के दौरान रिजॉर्ट में कथित गतिविधियों तथा एक वीआईपी मेहमान को लेकर सवाल उठते रहे। अंकिता के परिवार और कई सामाजिक संगठनों ने इस कथित वीआईपी की पहचान सार्वजनिक करने और मामले से जुड़े सभी सवालों का जवाब देने की मांग की है।
तीन दोषियों को सुनाई जा चुकी है उम्रकैद
इस हत्याकांड में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। पुलकित आर्य तत्कालीन भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे हैं। मामला सामने आने के बाद भाजपा ने विनोद आर्य और उनके बेटे अंकित आर्य को पार्टी से निलंबित कर दिया था। मई 2025 में कोटद्वार की अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तीनों दोषियों की सजा के बावजूद कथित वीआईपी की पहचान को लेकर उठते सवालों के कारण यह मामला सार्वजनिक चर्चा में बना हुआ है।
कथित वीआईपी का सवाल अब भी चर्चा में
मामले में कथित वीआईपी का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का हिस्सा रहा है। जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक, अंकिता ने अपने एक दोस्त से चैट में कथित तौर पर बताया था कि उस पर रिजॉर्ट में आने वाले एक वीआईपी मेहमान को विशेष सेवाएं देने का दबाव बनाया जा रहा था। इस पहलू को लेकर परिवार और समर्थक लगातार सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि, कथित वीआईपी की पहचान और उससे जुड़े आरोपों को प्रमाणित तथ्य की तरह पेश करने से बचना जरूरी है।
कांग्रेस ने संघर्ष जारी रखने का किया ऐलान
अंकिता के माता-पिता की हिरासत को लेकर खड़गे की प्रतिक्रिया ने मामले को फिर राजनीतिक सुर्खियों में ला दिया है। कांग्रेस ने कहा है कि वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाती रहेगी। इस बीच, परिवार की मांगों, पुलिस कार्रवाई और कथित वीआईपी से जुड़े सवालों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
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