Anti IED Operations Bijapur : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान महत्वपूर्ण सफलता मिली है। भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम उतला के जंगलों में सुरक्षाबलों ने जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया नक्सली डंप बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पित नक्सलियों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई। तलाशी अभियान के दौरान जवानों को जंगल में जमीन के नीचे छिपाए गए हथियारों और जिंदा कारतूसों का डंप मिला।
आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सूचना बनी आधार
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पित नक्सलियों से संगठन की गतिविधियों और पहले छिपाकर रखे गए हथियारों को लेकर लगातार पूछताछ की जा रही है। इसी पूछताछ के दौरान उतला के जंगलों में हथियार और अन्य सामग्री छिपाए जाने की जानकारी सामने आई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम को संबंधित इलाके में सर्चिंग के लिए रवाना किया गया। अभियान के दौरान जवानों ने संदिग्ध स्थान की पहचान कर जमीन के भीतर दबे डंप को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला।
एसपी के निर्देश पर चलाया गया सर्च ऑपरेशन
पुलिस के अनुसार, बीजापुर के पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल अमन झा के नेतृत्व में कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। सूचना के आधार पर भैरमगढ़ थाना क्षेत्र से पुलिस बल को ग्राम उतला के जंगलों की ओर भेजा गया। सर्चिंग के दौरान जवानों ने इलाके की बारीकी से तलाशी ली और जमीन के भीतर छिपाकर रखे गए डंप को बरामद किया।
डंप से चार तरह के हथियार बरामद
बरामद किए गए डंप से पुलिस को कई हथियार मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार इसमें एक AK-47 रायफल, एक 315 बोर रायफल, एक सिंगल शॉट रायफल और एक 9 एमएम पिस्टल शामिल है। इसके अलावा दो AK-47 मैगजीन भी बरामद की गई हैं। पुलिस ने बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर उन्हें भैरमगढ़ थाने में सुरक्षित पहुंचाया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
76 जिंदा कारतूस भी पुलिस के हाथ लगे
हथियारों के साथ बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, डंप से AK-47 के 45 जिंदा राउंड, 9 एमएम के 25 जिंदा राउंड और 315 बोर रायफल के छह जिंदा राउंड मिले हैं। इस तरह कुल 76 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। जंगल में इस तरह हथियार और गोला-बारूद छिपाकर रखे जाने की जानकारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां संबंधित क्षेत्र में तलाशी गतिविधियों पर भी ध्यान दे रही हैं।
बरामद सामग्री पर विधिसम्मत कार्रवाई जारी
बीजापुर पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों और कारतूसों को भैरमगढ़ थाना लाया गया है। इनके संबंध में आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सूचनाओं की भी जांच कर रही है, ताकि जंगलों में छिपाकर रखे गए अन्य हथियारों या सामग्री का पता लगाया जा सके। अभियान के दौरान सामने आने वाली सूचनाओं के आधार पर आगे भी सर्चिंग की जा सकती है।
सरेंडर नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य आत्मसमर्पित लोगों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करना और पुलिस तथा प्रशासन के साथ उनके संपर्क को बेहतर बनाना है। इसी प्रक्रिया के दौरान मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर जंगलों में छिपे हथियारों और अन्य सामग्री की तलाश की जा रही है। उतला के जंगलों में हुई यह बरामदगी भी इसी सूचना तंत्र से मिली जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई का परिणाम बताई जा रही है।
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