India Pakistan Match: एशिया कप 2025 के एक रोमांचक मुकाबले में भारत ने रविवार को पाकिस्तान को 7 विकेट से हराकर जीत दर्ज की। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इस जीत को भारतीय सेना को समर्पित किया और पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के साथ अपनी एकजुटता जताई। हालांकि, इस मुकाबले को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हुए, खासकर उन परिवारों ने जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में अपने प्रियजनों को खो चुके हैं।

पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों का गुस्सा
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए इस आतंकवादी हमले ने भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को पहले से ही तनावपूर्ण बना दिया था। ऐसे में जब एशिया कप के दौरान दोनों देशों के बीच मैच तय हुआ, तो इस पर कई परिवारों ने विरोध जताया। इनमें से एक प्रमुख आवाज गुजरात के भावनगर के सावन परमार की है, जिन्होंने इस हमले में अपने पिता और भाई को खोया है।

एएनआई से बात करते हुए सावन परमार ने कहा,“जब मुझे पता चला कि भारत और पाकिस्तान के बीच मैच खेला जाएगा, तो बहुत बुरा लगा। पाकिस्तान से किसी भी तरह का संबंध नहीं रखना चाहिए। अगर मैच खेलना ही है, तो पहले मेरे भाई को लौटा दो। अब ऑपरेशन सिंदूर भी बेकार गया जैसा लगता है।”सावन की मां, किरण परमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल उठाया,“यह मैच नहीं खेला जाना चाहिए था। मैं पीएम मोदी से पूछना चाहती हूं कि जब ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, तो यह मैच कैसे खेला जा सकता है?”
ऑपरेशन सिंदूर: क्या है मामला?
ऑपरेशन सिंदूर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ एक सैन्य अभियान था, जिसका मकसद आतंकवादी गतिविधियों को जड़ से खत्म करना और इलाके में स्थिरता लाना था। इस अभियान के दौरान कई परिवारों ने अपने प्रियजन खोए हैं। ऐसे में इस समय भारत-पाकिस्तान मैच खेलना इन पीड़ित परिवारों के लिए असहनीय दर्द और सवाल छोड़ गया है।
भारतीय कप्तान का संदेश
भारत की जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा “यह मौका है कि हम पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। यह जीत उन्हें समर्पित है और हम अपनी एकजुटता व्यक्त करते हैं।” उनका यह बयान खिलाड़ियों और देशवासियों के बीच एक सकारात्मक संदेश लेकर आया कि खेल के माध्यम से भी सामाजिक एकता और संवेदना व्यक्त की जा सकती है।
देश में मिला-जुला रुख
जहां कई लोग इस जीत का जश्न मना रहे हैं और इसे भारत की सेना को सम्मानित करने वाला कदम मान रहे हैं, वहीं आतंकवादी हमले में परिवार खो चुके लोगों का दर्द अभी भी ताजा है। उन्होंने इस मैच के आयोजन को लेकर सरकार और क्रिकेट बोर्ड से जवाब मांगा है।
एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मैच ने केवल खेल का मैदान नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक भावनाओं को भी उजागर किया। जबकि टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की, वहीं पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों का दर्द और सवाल अभी भी देश के लिए चुनौती बने हुए हैं। ऐसे समय में यह आवश्यक है कि खेल और राजनीति के बीच संतुलन बनाए रखते हुए सभी पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता बरती जाए।










