Bilaspur Crime: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग लड़की को उसकी सहेली और सहेली की मां ने मिलकर देह व्यापार में जबरन धकेल दिया। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़िता घरेलू विवाद के बाद घर छोड़कर अपनी सहेली के घर चली गई थी। यहीं से उसकी जिंदगी की सबसे भयावह कहानी शुरू हुई।

सहेली और मां ने मिलकर रची साजिश
16 वर्षीय नाबालिग लड़की ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह 8 अगस्त 2025 को परिजनों से नाराज होकर घर से निकल गई थी। इसके बाद वह लिंगियाडीह में रहने वाली अपनी सहेली के पास गई। वहां उसकी सहेली और उसकी मां ने मिलकर उसे रायगढ़ ले जाने की योजना बनाई।

रायगढ़ में बंधक बनाकर कराया गया देह व्यापार
पुलिस जांच में सामने आया कि लड़की को रायगढ़ ले जाकर एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। वहां उसे जबरन शराब पिलाई जाती थी और अलग-अलग युवकों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता था। लड़की के इंकार करने पर उसे बेरहमी से पीटा जाता था और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
मुख्य आरोपी पहले भी जा चुका है जेल
इस मामले में पुलिस ने कालिका तिवारी (लड़की की सहेली की मां), उसकी नाबालिग बेटी और मुख्य आरोपी विकास उर्फ विक्की भोजवानी को गिरफ्तार किया है। विक्की भोजवानी सिविल लाइन क्षेत्र के मसानगंज का रहने वाला है और पहले भी पीटा एक्ट (PITA – Immoral Traffic Prevention Act) के तहत जेल जा चुका है।
पुलिस को गिरोह के और सदस्यों की तलाश
सीएसपी निमितेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे मामले में एक संगठित देह व्यापार गिरोह की संलिप्तता की आशंका है। रायगढ़ के कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं जिनकी पहचान की जा रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
परिवार ने की थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
लड़की के लापता होने के बाद परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तेजी से जांच शुरू की और लोकेशन ट्रेस कर रायगढ़ से लड़की को बरामद किया। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, पोक्सो एक्ट, पीटा एक्ट और जबरन देह व्यापार से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
बिलासपुर का यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि किस तरह हमारे समाज में नाबालिग बच्चियों को लालच, धोखे और जबरदस्ती से देह व्यापार जैसे अपराधों में धकेला जा रहा है। पुलिस की सतर्कता से लड़की को समय रहते बचा लिया गया, लेकिन यह घटना कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।










