Ayodhya Ram Mandir
Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या में प्रभु श्री राम के बाल स्वरूप के दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ट्रस्ट ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट से ‘विशिष्ट दर्शन’ के विकल्प को पूरी तरह हटा दिया है। अब तक श्रद्धालु विशेष श्रेणी के तहत पास बनवाकर दर्शन कर सकते थे, लेकिन अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। ट्रस्ट का उद्देश्य दर्शन की प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी और सभी के लिए समान बनाना है। इस बदलाव के बाद अब वेबसाइट पर केवल ‘सुगम दर्शन’ और ‘सामान्य दर्शन’ के ही विकल्प उपलब्ध रहेंगे, जिससे आम श्रद्धालुओं को बिना किसी भेदभाव के दर्शन का अवसर मिल सके।
ट्रस्ट द्वारा किए गए नए बदलावों के तहत अब दर्शनार्थियों के लिए दो श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। पहली श्रेणी ‘सुगम दर्शन’ की है, जिसके अंतर्गत बनने वाले पास से श्रद्धालु राम लला और राम दरबार के साथ-साथ परकोटा में स्थित 6 अन्य मंदिरों के भी दर्शन कर सकेंगे। दूसरी श्रेणी ‘सामान्य दर्शन’ पास की है। इस विकल्प को चुनने वाले श्रद्धालुओं को राम लला और राम परिवार के साथ शेषावतार मंदिर, सप्त ऋषि मंदिर और ऐतिहासिक कुबेर टीले के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन बुजुर्गों और महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी है, जो लंबी कतारों में खड़े होने की शारीरिक क्षमता नहीं रखते और शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन करना चाहते हैं।
दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए ट्रस्ट ने एक और कड़ा कदम उठाया है। अब तक ऑनलाइन बुकिंग के दौरान एक पास पर अधिकतम 8 श्रद्धालुओं के दर्शन की अनुमति थी, लेकिन अब इस संख्या को घटाकर अधिकतम 5 कर दिया गया है। यानी अब एक परिवार या समूह के केवल पांच सदस्य ही एक बार में एक पास का उपयोग कर पाएंगे। ट्रस्ट का मानना है कि इससे भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) में आसानी होगी और मंदिर परिसर के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा। जानकारी के अनुसार, सुगम दर्शन के प्रति श्रद्धालुओं में इतना उत्साह है कि 8 मई तक के सभी स्लॉट पहले ही बुक हो चुके हैं।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या और मंदिर की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए, ट्रस्ट ने भक्तों के लिए एक ड्रेस कोड की सलाह भी जारी की है। हालांकि यह अभी अनिवार्य नहीं है, लेकिन ट्रस्ट ने विनम्र आग्रह किया है कि श्रद्धालु भारतीय पारंपरिक परिधानों में ही मंदिर परिसर में प्रवेश करें। पुरुषों के लिए धोती-कुर्ता या कुर्ता-पजामा और महिलाओं के लिए साड़ी या दुपट्टे के साथ पंजाबी/चूड़ीदार ड्रेस को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। ट्रस्ट का मानना है कि पवित्र स्थल की गरिमा बनाए रखने के लिए सात्विक पहनावा आवश्यक है।
अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिसके कारण मुख्य प्रवेश द्वारों पर लंबी कतारें लगना सामान्य बात है। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि जो श्रद्धालु घंटों कतार में नहीं लगना चाहते, वे वेबसाइट के माध्यम से एडवांस में पास बुक कर सकते हैं। ऑनलाइन पास धारकों के लिए अलग से प्रवेश की व्यवस्था की जाती है, जिससे कम समय में सुव्यवस्थित दर्शन संभव हो पाते हैं। राम मंदिर ट्रस्ट लगातार तकनीक और प्रबंधन के जरिए श्रद्धालुओं के अनुभव को सुखद बनाने की कोशिश कर रहा है, ताकि राम जन्मभूमि आने वाला हर भक्त प्रसन्न मन से वापस लौटे।
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