Baba Siddique Murder Case : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में मुंबई पुलिस अनमोल बिश्नोई से पूछताछ करना चाहती है। इसके लिए पुलिस ने महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग से संपर्क किया है। पुलिस ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि वह इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने उठाए और अनमोल बिश्नोई को तिहाड़ जेल से स्थानांतरित करने पर लगी रोक में राहत दिलाने की कोशिश करे। फिलहाल राज्य सरकार के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।

NIA कोर्ट पहले ही खारिज कर चुकी है कस्टडी की अर्जी
इस मामले में मुंबई पुलिस को पहले भी कानूनी अड़चन का सामना करना पड़ा है। दिल्ली की विशेष NIA अदालत ने अनमोल बिश्नोई की कस्टडी मांगने वाली मुंबई पुलिस की अर्जी खारिज कर दी थी। जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जुड़े मामले में सुनवाई पूरी होने तक अनमोल बिश्नोई को तिहाड़ जेल से दूसरी जेल में स्थानांतरित करने पर रोक लगाई है। इसी कारण मुंबई पुलिस के लिए उसे अपने मामले में हिरासत में लेना चुनौती बना हुआ है।

हत्या की साजिश का पता लगाने के लिए पूछताछ जरूरी
मुंबई पुलिस का मानना है कि बाबा सिद्दीकी की हत्या के पीछे की कथित बड़ी साजिश का खुलासा करने के लिए अनमोल बिश्नोई से पूछताछ जरूरी है। जांच एजेंसी उससे मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका, संभावित संपर्कों और घटनाक्रम से जुड़े सवालों के जवाब हासिल करना चाहती है। हालांकि, अनमोल बिश्नोई की कथित भूमिका और उससे जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है।
मकोका कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश
जांच एजेंसियों ने विशेष मकोका अदालत में एक सीलबंद लिफाफे में विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। बताया जा रहा है कि इस रिपोर्ट में अनमोल बिश्नोई की कस्टडी हासिल करने के लिए अब तक उठाए गए कदमों का ब्योरा दिया गया है। इस घटनाक्रम के बीच मामला कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। पुलिस की अगली कार्रवाई राज्य सरकार और केंद्र के बीच होने वाले संवाद पर भी निर्भर कर सकती है।
बाबा सिद्दीकी के परिवार ने जांच पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, बाबा सिद्दीकी के परिवार ने मुंबई पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि पुलिस की कार्रवाई प्रभावी नहीं दिख रही और मामले में केवल औपचारिकता की जा रही है। परिवार का कहना है कि अनमोल बिश्नोई के खिलाफ आगे की कार्रवाई में देरी से न्याय मिलने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ये परिवार की ओर से लगाए गए आरोप हैं, जिन पर पुलिस का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।

पत्नी ने अनमोल बिश्नोई पर मुकदमा चलाने की मांग की
बाबा सिद्दीकी की पत्नी ने भी अनमोल बिश्नोई को हत्या के मामले में गिरफ्तार करने और अन्य आरोपियों के साथ उसके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की है। परिवार की दलील है कि जेल में पूछताछ या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। परिवार ने प्रशासनिक देरी को लेकर भी चिंता जताई है।
अब महाराष्ट्र सरकार और केंद्र के फैसले पर नजर
फिलहाल मुंबई पुलिस की मांग पर महाराष्ट्र सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि राज्य सरकार इस मामले को केंद्र के समक्ष उठाती है, तो अनमोल बिश्नोई की कस्टडी को लेकर आगे कोई रास्ता निकल सकता है। हालांकि, जेल स्थानांतरण पर लागू प्रतिबंध, संबंधित अदालतों के आदेश और लंबित मुकदमे की स्थिति इस प्रक्रिया में अहम रहेंगे। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां कानूनी प्रक्रिया के तहत पूछताछ की अनुमति हासिल कर पाती हैं या नहीं।
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