Balodabazar Bitcoin Scam
Balodabazar Bitcoin Scam: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। सिटी कोतवाली पुलिस ने सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम के जरिए बिटकॉइन में निवेश का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक अंतर्राज्यीय ठग को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर की गई है। पुलिस की एक विशेष टीम ने आरोपी को राजस्थान के सीकर जिले से पकड़ा है। साइबर अपराधी आजकल टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का सहारा लेकर मासूम लोगों को अपनी जाल में फंसा रहे हैं, और यह मामला इसी बढ़ते खतरे का एक बड़ा उदाहरण है।
धोखाधड़ी की यह कहानी अप्रैल 2022 से शुरू हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बलौदाबाजार के पंचशील नगर निवासी भानु प्रसाद भारद्वाज को एक अज्ञात व्यक्ति ने टेलीग्राम पर संपर्क किया। ठग ने खुद को एक बड़ी निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए बिटकॉइन में निवेश करने पर कम समय में भारी मुनाफे का लालच दिया। आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई फर्जी टेलीग्राम आईडी बनाईं और प्रार्थी को यह विश्वास दिलाया कि वह एक सुरक्षित और लाभदायक योजना में पैसा लगा रहा है। आरोपी की मीठी बातों और ऊंचे रिटर्न के दावों में आकर प्रार्थी उसके बताए रास्ते पर चलने के लिए तैयार हो गया।
आरोपी ने ठगी को अंजाम देने के लिए बेहद पेशेवर तरीका अपनाया। उसने प्रार्थी को बिटकॉइन खरीदने के लिए प्रेरित किया और फिर एक फर्जी ईमेल लिंक भेजा। प्रार्थी ने जैसे ही उस लिंक के माध्यम से नेट बैंकिंग का उपयोग कर निवेश शुरू किया, धीरे-धीरे उसने कुल 12,43,250 रुपये की बड़ी राशि आरोपी के खातों में ट्रांसफर कर दी। जब निवेश की अवधि पूरी हुई और भानु प्रसाद ने अपना मूल धन और मुनाफा वापस मांगा, तो आरोपी बहाने बनाने लगा। काफी समय तक टालमटोल करने के बाद जब आरोपी ने संपर्क बंद कर दिया, तब प्रार्थी को एहसास हुआ कि वह एक सुनियोजित साइबर ठगी का शिकार हो चुका है।
ठगी का शिकार होने के बाद प्रार्थी ने सिटी कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए धारा 420, 406 और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के नेतृत्व में साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने डिजिटल साक्ष्यों, टेलीग्राम अकाउंट्स और बैंक ट्रांजेक्शन का बारीकी से तकनीकी विश्लेषण किया। जांच की कड़ी राजस्थान के सीकर जिले तक जा पहुंची। वहां के खाटू श्याम सदर क्षेत्र के अलोदा निवासी सुभाष चंद्र धायल (31 वर्ष) की पहचान मुख्य आरोपी के रूप में हुई। पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
यह मामला उन सभी के लिए एक चेतावनी है जो टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर अज्ञात लोगों द्वारा दिए गए निवेश के सुझावों पर भरोसा कर लेते हैं। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि बिटकॉइन और क्रिप्टो करेंसी के नाम पर होने वाली ठगी में अपराधी अक्सर फर्जी स्क्रीनशॉट और ‘गारंटीड रिटर्न’ का लालच देते हैं। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करें। अगर किसी के साथ ऐसी धोखाधड़ी होती है, तो उसे तुरंत 1930 पर कॉल कर या नजदीकी थाने में साइबर सेल को सूचित करना चाहिए। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपी सुभाष चंद्र को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की प्रक्रिया जारी है।
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