Balrampur Bauxite Dispute
Balrampur Bauxite Dispute: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का कुसमी क्षेत्र एक बार फिर सुर्खियों में है। हंसपुर गांव में हो रहे कथित अवैध बाक्साइट उत्खनन को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। ‘नंगे पांव सत्याग्रह’ के संयोजक और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिंह सिसोदिया ने इस पूरे मामले में संगठित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने सीधे तौर पर गृह मंत्री और सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। सिसोदिया का दावा है कि पिछले एक वर्ष से खनिज विभाग, स्थानीय पुलिस और रसूखदार कारोबारियों के बीच एक गहरा गठजोड़ काम कर रहा है।
राजेश सिंह सिसोदिया द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में डालटनगंज की फर्म ‘भगवती इंटरप्राइजेज’ से जुड़े राहुल जायसवाल की भूमिका को अत्यंत संदिग्ध बताया गया है। ज्ञापन में यह ज्वलंत सवाल उठाया गया है कि जब राहुल जायसवाल या उनकी फर्म को हंसपुर क्षेत्र में कोई भी खदान आधिकारिक रूप से आवंटित नहीं की गई है, तो उनकी इस क्षेत्र में सक्रियता किस आधार पर है। क्या प्रशासन की मिलीभगत से बिना किसी वैध लीज के खनन कार्य को अंजाम दिया जा रहा है? सिसोदिया ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक करौंधा थाने और चौकी के प्रभारियों को वहां से स्थानांतरित किया जाए ताकि वे जांच प्रक्रिया को प्रभावित न कर सकें।
इस विवाद में सबसे चौंकाने वाला पहलू प्रशासनिक टीम के साथ हुई कथित बदसलूकी है। ज्ञापन में एसडीएम की टीम के साथ गए मंजीत यादव के साथ हुई मारपीट की घटना का जिक्र किया गया है। सिसोदिया ने पूछा है कि क्या कार्रवाई के दौरान करौंधा थाने द्वारा एसडीएम को पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया गया था? इसके अलावा, जब्त किए गए ट्रक के कुसमी पहुँचने की रहस्यमयी परिस्थितियों और उस पर की गई कानूनी कार्रवाई की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं। क्या पुलिस बल की कमी जानबूझकर पैदा की गई थी ताकि अवैध कारोबारियों को मौका मिल सके?
मामले की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब इसमें हिंसा और भ्रष्टाचार के परस्पर विरोधी आरोप सामने आते हैं। ज्ञापन में मृतक श्रीराम लकड़ा के साथियों को आई चोटों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई है। साथ ही, राहुल जायसवाल द्वारा एसडीएम पर लगाए गए 5 लाख रुपये की कथित रिश्वत की मांग वाले आरोपों की भी सच्चाई स्पष्ट करने को कहा गया है। सिसोदिया ने यह भी पूछा है कि क्या मंजीत यादव का मोबाइल फोन जब्त किया गया है या नहीं, क्योंकि उसमें कई महत्वपूर्ण साक्ष्य होने की संभावना है। इन आरोपों ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
सत्याग्रह संयोजक ने मांग की है कि जिला प्रशासन हंसपुर में अब तक किए गए अवैध उत्खनन पर की गई सभी पूर्व कार्रवाइयों और दंडात्मक कदमों का विवरण जनता के सामने रखे। लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन ने पहले ही कड़े कदम उठाए होते, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। फिलहाल, गृह मंत्री और आईजी को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब सबकी निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या इस बार छोटी मछलियों के बजाय उन बड़े मगरमच्छों पर कार्रवाई होगी जो इस अवैध खनन सिंडिकेट को चला रहे हैं? प्रशासनिक तंत्र से अब एक स्पष्ट और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
Sabarimala Case : केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के…
PM Modi Trishul Kashi : धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…
Summer Drinks : भीषण गर्मी और तपती धूप के मौसम में शरीर को अंदरुनी ठंडक…
Blue Moon May 2026 : धार्मिक और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, साल 2026 का मई…
Hamas Leader Dead : इजरायल और हमास के बीच चल रहे विनाशकारी युद्ध में इजरायली…
IIT Kharagpur : देश के प्रतिष्ठित संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), खड़गपुर से एक…
This website uses cookies.