Belgium Student Protest : बेल्जियम में शिक्षा सुधार, सरकारी खर्च में कटौती और पुलिस की कथित सख्ती के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शनिवार को राजधानी ब्रसेल्स समेत लीज शहर में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और उनके समर्थक सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट, ट्यूशन फीस में राहत, सार्वजनिक परिवहन की लागत कम करने, बेहतर कार्य परिस्थितियों और सामाजिक असमानता दूर करने जैसी मांगें उठाईं।
ब्रसेल्स में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव
ब्रसेल्स में प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव शुरू हुआ। बेल्जियम के सार्वजनिक प्रसारक RTBF के हवाले से अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे ब्रसेल्स-मिदी रेलवे स्टेशन के पास तनाव बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली बाड़ से रास्ते में अवरोध बनाए और पुलिस की ओर कुछ वस्तुएं फेंकीं। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
सेंट्रल स्टेशन के पास जुटे छात्र और ट्रेड यूनियन के सदस्य
इससे पहले शनिवार सुबह ब्रसेल्स सेंट्रल स्टेशन के पास करीब 100 छात्र और वयस्क एकत्र हुए थे। प्रदर्शन में शिक्षकों और ट्रेड यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। शुरुआत में प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी, लेकिन बाद में प्रदर्शनकारियों को ब्रसेल्स-मिदी स्टेशन की ओर मार्च करने की इजाजत दे दी गई। इस दौरान इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और कुछ लोगों को रोककर उनकी तलाशी भी ली गई।
पुलिस की कार्रवाई और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कथित दमनकारी कार्रवाई और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए। यह विरोध प्रदर्शन 9 अक्टूबर को ट्रेड यूनियन की रैली के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद सामने आया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा और सामाजिक सुविधाओं से जुड़े फैसलों का सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और पुलिस की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
लीज शहर में भी युवाओं ने निकाला शांतिपूर्ण मार्च
बेल्जियम के लीज शहर में भी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। बेल्गा समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 250 युवा लीज-गुइयेमिन्स रेलवे स्टेशन के बाहर इकट्ठा हुए और वहां से शहर के केंद्र की ओर शांतिपूर्ण मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में श्रमिकों और अभिभावकों ने भी भाग लिया। यहां प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा के बजट, बढ़ती फीस, परिवहन खर्च, कार्य परिस्थितियों और सामाजिक असमानता को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं।
बढ़ती महंगाई के बीच पढ़ाई जारी रखना छात्रों के लिए चुनौती
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि आर्थिक दबाव के कारण कई युवाओं को अपनी पढ़ाई के साथ काम भी करना पड़ता है। इससे उनकी शिक्षा प्रभावित होती है और कुछ छात्रों के लिए पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो जाता है। प्रदर्शनकारियों ने चिंता जताई कि बढ़ती जीवनयापन लागत और शिक्षा संबंधी खर्च युवाओं के अवसर सीमित कर रहे हैं। कुछ प्रतिभागियों ने फ्रांस में शनिवार को हुए महंगाई विरोधी प्रदर्शनों के प्रति भी एकजुटता व्यक्त की।
बेल्जियम में हुए इन प्रदर्शनों ने शिक्षा के वित्तपोषण, युवाओं की आर्थिक परेशानियों और सरकारी नीतियों को लेकर जारी असंतोष को सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच इस मुद्दे पर क्या रुख सामने आता है, इस पर नजर बनी रहेगी।
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