Vinesh Chandel Arrested
Vinesh Chandel Arrested : पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चुनाव से ठीक पहले एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। चुनावी रणनीतिकार संस्था I-PAC के डायरेक्टर और को-फाउंडर विनेश चंदेल को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार शाम को विनेश चंदेल को दिल्ली से हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के चर्चित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। विनेश चंदेल उस I-PAC टीम का हिस्सा हैं, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी बिसात बिछाने का काम करती है। चुनाव के मुहाने पर खड़ी बंगाल की राजनीति में इस गिरफ्तारी ने एक नया उबाल ला दिया है।
I-PAC के रणनीतिकार की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को अंतिम दो चरणों का मतदान होना शेष है। ममता बनर्जी की पार्टी ने इसे सोची-समझी साजिश करार दिया है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव से महज 10 दिन पहले की गई यह कार्रवाई क्या निष्पक्ष चुनाव की परिभाषा के अंतर्गत आती है?
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि ED, CBI और NIA जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को डराने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि बंगाल न तो झुकेगा और न ही डरेगा। बनर्जी का कहना है कि एजेंसियों की यह सक्रियता डर का माहौल बनाने की कोशिश है, लेकिन बंगाल की जनता इस दबाव का जवाब अपने विरोध से देगी।
विनेश चंदेल की गिरफ्तारी अचानक नहीं हुई है। इससे पहले 2 अप्रैल को ED ने दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई में ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इस दौरान I-PAC के एक अन्य डायरेक्टर ऋषि राज सिंह और आम आदमी पार्टी के पूर्व कम्युनिकेशन इंचार्ज विजय नायर के ठिकानों पर भी जांच की गई थी। विनेश चंदेल को प्रशांत किशोर के साथ मिलकर I-PAC की नींव रखने वाले प्रमुख चेहरों में गिना जाता है, जो वर्तमान में टीएमसी के पूरे चुनावी प्रबंधन को संभाल रहे हैं।
इस मामले की जड़ें जनवरी में हुई छापेमारी से जुड़ी हैं। 8 जनवरी को जब ED ने ममता बनर्जी के रणनीतिकार प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास और सॉल्टलेक दफ्तर पर धावा बोला, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। उस वक्त स्वयं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं। मुख्यमंत्री को वहां से कुछ फाइलें लेकर निकलते देखा गया था, जिसके बाद उन्होंने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार उनकी पार्टी के गोपनीय चुनावी दस्तावेज हासिल करने की कोशिश कर रही है।
तृणमूल कांग्रेस का स्पष्ट आरोप है कि ED की इस कार्रवाई का मकसद भ्रष्टाचार की जांच करना नहीं, बल्कि टीएमसी की गोपनीय चुनावी रणनीतियों को चुराना है। पार्टी का मानना है कि चुनाव के ऐन वक्त पर रणनीतिकारों को निशाना बनाकर भाजपा चुनाव के नतीजों को प्रभावित करना चाहती है। वहीं, ED का तर्क है कि वे केवल वित्तीय अनियमितताओं और अवैध धन के प्रवाह की जांच कर रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद बंगाल का सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है।
Read More : 14 April History : लिंकन की हत्या से आंबेडकर जयंती तक, जानें आज की प्रमुख घटनाएं
GT vs KKR : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का 25वां मुकाबला अहमदाबाद के भव्य…
Trump vs NATO: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा है…
Women Reservation Bill : संसद के विशेष सत्र का दूसरा शुक्रवार भारतीय संसदीय इतिहास में…
Women Reservation Bill : लोकसभा में शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 की शाम भारतीय संसदीय इतिहास…
Women Reservation Bill : भारतीय संसदीय इतिहास में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला…
Unnao Suicide Case : उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक दिल दहला देने वाली…
This website uses cookies.