Bhilai Durg Underbridge : छत्तीसगढ़ के भिलाई और दुर्ग में रहने वाले हजारों लोगों को आगामी दो महीनों तक भीषण यातायात समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। भारतीय रेलवे ने आवश्यक मरम्मत और संरचनात्मक सुधार कार्यों को अंजाम देने के लिए दो प्रमुख अंडरब्रिज को बंद करने का कड़ा निर्णय लिया है। भिलाई-3 स्थित ‘सिरसा गेट अंडरब्रिज’ और दुर्ग के ‘रायपुर नाका रेलवे अंडरब्रिज’ (RUB-444) को 1 जुलाई 2026 से 31 अगस्त 2026 तक पूरी तरह से आवाजाही के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन दो महीनों के दौरान, इन मार्गों से किसी भी छोटे या बड़े वाहन का निकलना पूरी तरह से वर्जित रहेगा।

बंद होने का मुख्य कारण: जलभराव और सुरक्षा संबंधी चिंताएं
रेलवे विभाग के अनुसार, इन दोनों अंडरब्रिज की स्थिति लंबे समय से चिंताजनक बनी हुई थी। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, पानी का लगातार रिसाव और मानसून के दौरान होने वाला जलभराव यहां के निवासियों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया था। इन समस्याओं के चलते न केवल यात्रा करना मुश्किल हो रहा था, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी हर समय बना रहता था। सिरसा गेट अंडरब्रिज जहाँ भिलाई-3, सिरसा कला और चरोदा जैसे क्षेत्रों को जोड़ने वाली जीवनरेखा है, वहीं रायपुर नाका अंडरब्रिज दुर्ग और भिलाई के जुड़वां शहरों के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इनकी खराब स्थिति के कारण भविष्य में होने वाली बड़ी दुर्घटनाओं को टालने के लिए अब स्थायी मरम्मत आवश्यक हो गई है।

संरचनात्मक क्षति और पानी का रिसाव बना बड़ी चुनौती
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रेलवे ट्रैक के नीचे से गुजरने वाली पाइपलाइन और नहर के कारण हो रहे रिसाव से अंडरब्रिज की मूल संरचना को गंभीर नुकसान पहुँच रहा था। पिछली बार की गई मरम्मत के प्रयास केवल अस्थायी साबित हुए थे, जिससे जनता में काफी रोष था। इस बार रेलवे प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मरम्मत का कार्य पूर्णतः गुणवत्तापूर्ण होगा ताकि बारिश के मौसम में जलभराव और सड़क के खराब होने की समस्या जड़ से समाप्त हो सके। पाइपलाइन की मरम्मत के बाद इन अंडरब्रिज को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने का दावा किया जा रहा है।
110 गांवों के हजारों यात्रियों के लिए बढ़ेगी लंबी दूरी
दोनों अंडरब्रिज के एक साथ बंद होने से भिलाई टाउनशिप और पटरीपार क्षेत्र के निवासियों सहित करीब 110 गांवों के हजारों लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित होगी। कार्यालय जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और व्यापारियों को अब लंबी दूरी के वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा, जिससे न केवल उनका कीमती समय बर्बाद होगा, बल्कि यात्रा का खर्च भी बढ़ जाएगा। स्थानीय प्रशासन और रेलवे ने लोगों से इस अवधि में धैर्य रखने और सहयोग करने की अपील की है।
रेलवे की अपील: तय समयसीमा में कार्य पूर्ण होने का भरोसा
रेलवे विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, 1 जुलाई की सुबह 8 बजे से 31 अगस्त की शाम 6 बजे तक यह प्रतिबंध लागू रहेगा। विभाग ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए पहले से ही वैकल्पिक मार्गों की योजना बना लें। रेलवे का लक्ष्य है कि तय समयसीमा के भीतर इस चुनौतीपूर्ण मरम्मत कार्य को पूरा किया जाए, ताकि सितंबर की शुरुआत में इन दोनों मार्गों को एक सुरक्षित और बेहतर स्थिति में जनता को पुनः समर्पित किया जा सके।
Read More : Terror Alert India : दिल्ली-उत्तराखंड में आतंकी हमले का अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर, बढ़ी चौकसी









