Bhilai Steel Plant Fire
Bhilai Steel Plant Fire: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। संयंत्र के पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन (PBS-2) की स्टीम टरबाइन जनरेटर (STG) यूनिट में लगभग 11:30 से 12:00 बजे के बीच भीषण आग लग गई। आग की लपटें और धुएं का गुबार आसमान में दूर तक देखा गया, जिससे पूरे संयंत्र परिसर में हड़कंप मच गया। यह यूनिट संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस को उच्च दाब वाली हवा (High Pressure Air) सप्लाई करने और बिजली उत्पादन (Power Generation) से जुड़ी हुई है, जिसके कारण आग लगने से संयंत्र की उत्पादन प्रक्रियाएं और ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित होने की आशंका है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस भीषण आग के पीछे का मुख्य कारण गैस पाइपलाइन में हुआ रिसाव (Leakage) बताया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि गैस लीकेज शुरू हुआ और कुछ ही क्षणों में तेज लपटों में बदल गया, जिसने पास की स्टीम टरबाइन जनरेटर (STG) यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। STG यूनिट में आग लगने से मशीनरी को व्यापक नुकसान पहुँचा है। आग की सूचना मिलते ही तत्काल संयंत्र के फायर ब्रिगेड विभाग को दी गई।
आग की भयावहता को देखते हुए, भिलाई इस्पात संयंत्र की अपनी 4 से 5 दमकल गाड़ियाँ तत्काल घटनास्थल पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने बिना समय गंवाए आग बुझाने का कार्य शुरू किया। गैस आधारित आग होने के कारण इस पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ, लेकिन दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रण में लाने के प्रयास किए। संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी दल भी मौके पर पहुंचे और परिस्थिति का जायजा लिया, साथ ही आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
इस भीषण अग्निकांड में सबसे राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, आग लगने से लगभग एक घंटा पहले ही श्रमिकों की शिफ्ट समाप्त हो चुकी थी और मजदूर यूनिट से बाहर निकल चुके थे। यदि आग शिफ्ट के दौरान लगी होती, तो यह एक बड़ा और घातक हादसा साबित हो सकता था। इस कारण, भिलाई स्टील प्लांट प्रशासन ने तत्काल ही कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए।
STG यूनिट का काम बिजली उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस को उच्च दाब हवा देना है, इसलिए इस यूनिट के बंद होने से संयंत्र के उत्पादन चक्र पर गहरा असर पड़ने की संभावना है। विशेष रूप से, ब्लास्ट फर्नेस के संचालन पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। अधिकारियों ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा और यूनिट की तेजी से मरम्मत के लिए योजना तैयार की जाएगी ताकि जल्द से जल्द उत्पादन को सामान्य किया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानदंडों की समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया है।
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