BSP Fire
BSP Fire : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 की सुबह एक डरावनी खबर सामने आई। सुबह करीब 10 बजे, जब प्लांट में काम अपनी पूरी रफ्तार पर था, तभी पावर प्लांट-2 के टर्बाइन सेक्शन में अचानक एक भीषण विस्फोट हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की धरती कांप गई और देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। कुछ ही मिनटों में पूरे टर्बाइन एरिया में धुएं का काला गुबार छा गया, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने सूझबूझ दिखाई और पीछे के आपातकालीन रास्तों से भागकर अपनी जान बचाई।
हादसे की जानकारी मिलते ही संयंत्र के भीतर स्थित अग्निशमन विभाग सक्रिय हो गया। आग की भयावहता को देखते हुए आधा दर्जन से ज्यादा दमकल की गाड़ियों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। बीएसपी प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन की टीम भी कुछ ही समय में घटनास्थल पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर पावर प्लांट के भीतर प्रवेश किया और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कीं। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग की लपटों को फैलने से रोका जा सका, हालांकि टर्बाइन सेक्शन से धुआं निकलने का सिलसिला काफी देर तक जारी रहा।
इस दर्दनाक हादसे में शुरुआती तौर पर 7 से अधिक कर्मचारियों के घायल होने की आशंका जताई गई है। हालांकि प्रबंधन की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा आना बाकी है, लेकिन विभागीय सूत्रों के अनुसार, दो नियमित बीएसपी कर्मचारी और तीन ठेका श्रमिक मामूली रूप से झुलस गए हैं। वहीं, एक अन्य कर्मचारी के पैर में गंभीर फ्रैक्चर होने की खबर है। सभी घायलों को तुरंत संयंत्र के मेन मेडिकल पोस्ट ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सेक्टर-9 स्थित बीएसपी के मुख्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टर्बाइन से अचानक एक गगनभेदी आवाज आई, जिसके तुरंत बाद आग भड़क उठी। शुरुआती कयासों के अनुसार, टर्बाइन सेक्शन में अचानक दबाव (Pressure) बढ़ने या किसी गंभीर तकनीकी खराबी के कारण यह ब्लास्ट हुआ होगा। पावर प्लांट-2 संयंत्र को बिजली आपूर्ति करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इस घटना से उत्पादन प्रक्रियाओं पर भी असर पड़ने की संभावना है। सुरक्षा विशेषज्ञों की एक टीम को मौके पर तैनात किया गया है जो आग पूरी तरह ठंडी होने के बाद मलबे और मशीनों की जांच करेगी।
भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने इस पूरी घटना को गंभीरता से लेते हुए एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने के संकेत दिए हैं। प्लांट के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा कड़ा कर दिया गया है और अन्य संवेदनशील इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आधिकारिक बयान आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस अग्निकांड से संयंत्र को कुल कितना वित्तीय नुकसान हुआ है और क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई चूक हुई थी। फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता घायलों का उपचार और प्लांट को सुरक्षित स्थिति में लाना है।
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