Bhiwandi Election Violence:
Bhiwandi Election Violence: महाराष्ट्र के भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका चुनाव के नतीजे आने के बाद रविवार का दिन हिंसा की भेंट चढ़ गया। चुनावी जीत-हार की खुन्नस ने उस समय खौफनाक मोड़ ले लिया जब भाजपा विधायक महेश चोघुले और कोनार्क विकास अघाड़ी (KVA) के नेता विलास पाटिल के समर्थक आमने-सामने आ गए। छत्रपति शिवाजी महाराज चौक के पास दोनों गुटों के बीच जमकर लात-घूंसे चले और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। इस अप्रत्याशित हिंसा से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई और दुकानों के शटर गिर गए। ठाणे सिटी पुलिस कमिश्नरेट ने स्थिति को बिगड़ते देख भारी पुलिस बल तैनात किया, जिसके बाद हालात को काबू में किया जा सका।
इस हिंसक झड़प की मुख्य वजह भिवंडी की स्थानीय राजनीति में दो परिवारों के बीच की पुरानी और गहरी रंजिश बताई जा रही है। दरअसल, वॉर्ड नंबर 1 में वर्चस्व की लड़ाई सबसे दिलचस्प थी, जहाँ विलास पाटिल के बेटे एडवोकेट मयूरेश पाटिल का मुकाबला भाजपा विधायक महेश चोघुले के बेटे मीट चोघुले से था। कांटे की टक्कर में मयूरेश पाटिल ने जीत हासिल की, जिसे चोघुले समर्थकों के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। पाटिल परिवार का इस क्षेत्र में लंबे समय से प्रभाव रहा है, और इस जीत ने प्रतिद्वंद्विता को और अधिक हवा दे दी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए ठाणे के डीसीपी (जोन-2) शशिकांत बोराटे ने खुद कमान संभाली। उन्होंने मीडिया को बताया कि दो राजनीतिक समूहों के समर्थकों के बीच तीखी बहस के बाद झड़प हुई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज और हस्तक्षेप के जरिए भीड़ को तितर-बितर किया। बोराटे ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और संवेदनशील इलाकों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
भाजपा विधायक महेश चोघुले ने विलास पाटिल के समर्थकों पर सीधे तौर पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। चोघुले ने कहा, “चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, लेकिन हार के डर से या जीत के घमंड में हिंसा करना निंदनीय है। शनिवार को भी कुछ बच्चों पर हमला किया गया था और आज शाम मेरे दफ्तर को निशाना बनाकर पथराव किया गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि विलास पाटिल अपने इलाके में किसी भी अन्य दल की उपस्थिति बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। विधायक ने पुलिस स्टेशन पहुँचकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका की कुल 90 सीटों के परिणामों ने शहर की राजनीति को एक दिलचस्प मोड़ पर खड़ा कर दिया है। परिणामों के अनुसार:
कांग्रेस: 30 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)
भाजपा: 22 सीटें
शिवसेना (शिंदे गुट): 12 सीटें
NCP (शरद पवार गुट): 12 सीटें
कोनार्क विकास अघाड़ी (KVA): 4 सीटें
इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि किसी भी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में मेयर की कुर्सी हासिल करने के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है, जिसने समर्थकों के बीच तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है।
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