Bhupesh Baghel Warning: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। प्रदर्शन के दौरान पथराव और झड़प की घटनाएं सामने आईं, जिनमें पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों के घायल होने की जानकारी मिली। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि दर्ज प्रकरण में पथराव और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के आरोपों की जांच की जा रही है।

भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
घटना के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय पर हुआ घटनाक्रम एक सुनियोजित हमला था। बघेल ने दावा किया कि यह कार्रवाई पुलिस की मौजूदगी में हुई और इसमें सत्तारूढ़ दल के नेताओं की भूमिका भी रही। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
अपने पोस्ट में भूपेश बघेल ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यालय के घेराव के दौरान स्थिति सामान्य विरोध प्रदर्शन से आगे बढ़ गई और हिंसक घटनाएं हुईं। उनके अनुसार, इस दौरान कांग्रेस मुख्यालय और पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। बघेल ने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतांत्रिक तरीके से व्यक्त किए जाने चाहिए और हिंसक घटनाओं की किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों के व्यवहार पर जताई आपत्ति
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने कांग्रेस कार्यालय की ओर पथराव किया और इससे पार्टी कार्यकर्ताओं को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि इस दौरान पुलिस द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया। बघेल का कहना है कि पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अधिक नुकसान उठाना पड़ा और कई लोग घायल हुए। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान कुछ पत्रकार भी चोटिल हुए।
एफआईआर को लेकर उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार घटना के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता हमले का शिकार हुए, लेकिन एफआईआर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय एकतरफा कदम उठाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए, ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो सके।
दिल्ली की घटना से की तुलना
अपने बयान में भूपेश बघेल ने रायपुर की घटना की तुलना हाल के दिल्ली के छात्र आंदोलनों से भी की। उन्होंने दावा किया कि जिस प्रकार दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के साथ कार्रवाई हुई थी, उसी तरह रायपुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन का अधिकार सुरक्षित है और किसी भी राजनीतिक दल या संगठन के साथ निष्पक्ष व्यवहार होना चाहिए।
पुलिस अधिकारियों को दी चेतावनी
भूपेश बघेल ने अपने पोस्ट के अंत में पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे निष्पक्षता बनाए रखें और कानून के अनुसार कार्य करें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी संविधान और कानून के अनुरूप काम करने की होती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं, इसलिए प्रशासन को किसी भी कार्रवाई में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।











