Bihar Election 2025: बिहार की राजनीतिक सरगर्मी अब तेज होती जा रही है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर चुनाव आयोग की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार, चुनाव की आधिकारिक घोषणा अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में हो सकती है। संभावना जताई जा रही है कि इस बार राज्य में दो या तीन चरणों में मतदान कराया जाएगा, जो 5 से 15 नवंबर के बीच आयोजित हो सकता है, जबकि वोटों की गिनती 20 नवंबर को की जाएगी।

छठ पूजा के बाद मतदान, 22 नवंबर तक पूरी होगी प्रक्रिया
जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग दुर्गा पूजा और दशहरा के बाद बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा करेगा, जबकि छठ पूजा के ठीक बाद मतदान की तिथि सार्वजनिक की जाएगी। आयोग की प्राथमिकता है कि 22 नवंबर की संवैधानिक डेडलाइन से पहले चुनावी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।

30 सितंबर को जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट
बिहार चुनाव से पहले आयोग 30 सितंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन करेगा। एसआईआर (Special Summary Revision) के बाद इस सूची में अंतिम संशोधन किया जाएगा। इससे पहले, आयोग की एक टीम सितंबर महीने में बिहार का दौरा कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेगी।
संविदा कर्मियों की बर्खास्तगी से सियासी तनाव
इधर, बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 7480 विशेष सर्वे संविदा कर्मियों को सेवा से हटा दिया है। ये सभी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े कर्मचारी थे, जो 16 अगस्त से हड़ताल पर थे। विभाग ने उन्हें 3 सितंबर शाम 5 बजे तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन केवल 3295 कर्मी ही ड्यूटी पर लौटे, जिसके बाद बाकी सभी की संविदा समाप्त कर दी गई।संविदा कर्मी नियमित सेवा और ESIC (कर्मचारी राज्य बीमा) जैसी सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। यह मुद्दा आगामी चुनाव में विपक्ष द्वारा उठाए जाने की पूरी संभावना है।
चिराग पासवान की पार्टी कर रही है ताकत का प्रदर्शन
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) भी बिहार चुनाव को लेकर पूरी तरह से सक्रिय है। पार्टी न केवल 243 विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी कर रही है, बल्कि एनडीए के भीतर ज्यादा सीटों की मांग को लेकर प्रेशर पॉलिटिक्स भी कर रही है।
इसके तहत पार्टी प्रमंडलवार नव संकल्प महासभाएं आयोजित कर रही है। अब तक आरा, नालंदा, मुंगेर और गया में महासभाएं हो चुकी हैं। पांचवीं महासभा 5 सितंबर को मुजफ्फरपुर में आयोजित की जा रही है, जहां चिराग पासवान पार्टी की रणनीति और जन समर्थन का प्रदर्शन करेंगे।
बिहार में चुनावी बिगुल बजने ही वाला है। सभी राजनीतिक दल जनता को साधने की कवायद में जुट गए हैं। चुनाव आयोग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और अक्टूबर की शुरुआत में चुनावी घोषणा तय मानी जा रही है। इस बार का विधानसभा चुनाव न सिर्फ सत्ताधारी गठबंधन बल्कि विपक्ष और जनता के लिए भी निर्णायक साबित हो सकता है।
Read More : PM Modi on GST: पीएम मोदी की GST रिफॉर्म पर प्रतिक्रिया, बोले- ‘आजादी के बाद का सबसे बड़ा फैसला’










