PM Modi on GST : हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा किए गए जीएसटी (GST) रिफॉर्म के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने इसे ‘आजादी के बाद का सबसे बड़ा आर्थिक फैसला’ करार दिया और कहा कि समय पर सुधार के बिना भारत को वैश्विक मंच पर उसका उचित स्थान नहीं दिलाया जा सकता।

प्रधानमंत्री ने जीएसटी के सरलीकरण की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह अब और भी आसान बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर, जो कि नवरात्रि का पहला दिन है, उस दिन से ‘अगली पीढ़ी का जीएसटी सुधार’ लागू किया जाएगा। पीएम मोदी ने इसका संबंध ‘मातृशक्ति’ से जोड़ते हुए इसे महिलाओं और आम उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद बताया।

कांग्रेस पर सीधा निशाना
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने आम जनता की जेब पर भार डाला। उन्होंने कहा “कांग्रेस बच्चों की टॉफी पर भी 21% टैक्स लगाती थी। अगर मैंने ऐसा किया होता, तो वे मेरे बाल नोच लेते।”

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में महंगाई और टैक्स का बोझ आम लोगों पर बढ़ा था, जबकि भाजपा सरकार ने जनता को राहत देने के लिए जीएसटी को बार-बार सरल और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया है।
देश को मिला दोहरा लाभ
मोदी ने जीएसटी को ‘डबल बेनिफिट’ देने वाला सुधार बताया – एक ओर जहां यह आम नागरिकों को राहत देता है, वहीं दूसरी ओर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जब 8 साल पहले जीएसटी लागू हुआ था, तब देश ने कई दशकों पुराने एक संघीय आर्थिक ढांचे के सपने को साकार होते देखा।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जीएसटी की चर्चा सिर्फ उनके कार्यकाल में नहीं शुरू हुई थी। यह कई सालों से राजनीतिक एजेंडा था, लेकिन पहले की सरकारों ने इसे अमल में लाने का राजनीतिक साहस नहीं दिखाया।
पीएम मोदी की यह प्रतिक्रिया स्पष्ट संकेत देती है कि सरकार अब ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और उपभोक्ता हितों को केंद्र में रखकर जीएसटी को और भी बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले सुधारों पर अब देशभर की नजरें टिकी हैं।











