Bihar Election 2025: बिहार की सियासत में एक बार फिर मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर हलचल तेज हो गई है। राजद (RJD) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि महागठबंधन बिना मुख्यमंत्री पद के चेहरे के चुनाव नहीं लड़ेगा। उनकी इस टिप्पणी से कांग्रेस समेत अन्य सहयोगी दलों के बीच हलचल मची हुई है। तेजस्वी ने तंज भरे अंदाज में कहा, “क्या हम भाजपाई हैं कि बिना चेहरे के चुनाव लड़ेंगे?”

तेजस्वी की ‘पूरक अधिकार यात्रा’ और मुख्यमंत्री पद का एलान
तेजस्वी यादव ने यह बात अपनी पूरक अधिकार यात्रा के दौरान कही, जो उन इलाकों में हुई जहां उनकी पिछली विपक्षी पदयात्रा नहीं पहुंची थी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री या सरकार होना ही सबकुछ नहीं है, बल्कि बिहार को बेहतर बनाना है। तेजस्वी ने यह साफ किया कि सीट बंटवारे के बाद मुख्यमंत्री पद के चेहरे का फैसला भी हो जाएगा, लेकिन फिलहाल महागठबंधन की यह स्पष्ट नीति है कि बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव नहीं लड़ेंगे।

राहुल गांधी को पीएम फेस मानते हैं तेजस्वी
तेजस्वी यादव पहले ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन का प्रधानमंत्री पद का चेहरा मान चुके हैं। हालांकि राहुल गांधी ने अभी तक बिहार में महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। तेजस्वी ने इस पर कहा, “थोड़ा इंतजार कीजिए, फैसला जनता करेगी।”
नीतीश सरकार पर हमला, खुद को बताया ‘असली CM’
31 अगस्त को आरा में हुई रैली में तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा था कि यह सरकार नकलची है और बिहार को असली मुख्यमंत्री चाहिए, नकली नहीं। उन्होंने भीड़ से पूछा, “क्या लोगों को डुप्लीकेट सीएम चाहिए या असली?” यह बयान साफ संकेत था कि तेजस्वी खुद को महागठबंधन का संभावित मुख्यमंत्री चेहरा मानते हैं।
कांग्रेस का फिलहाल संतुलित रुख
वहीं, कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई स्पष्ट रुख सामने नहीं आया है। राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा था कि इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल आपसी सम्मान और सहयोग के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे और अच्छे नतीजे निकालेंगे। इससे साफ होता है कि कांग्रेस फिलहाल संतुलित रवैया अपनाए हुए है और अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा।
गठबंधन की चुनौती और संभावित रणनीति
तेजस्वी यादव की इस बयानबाजी से कांग्रेस समेत अन्य गठबंधन दलों में रणनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। महागठबंधन के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा तय करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि कांग्रेस और अन्य दल भी इस भूमिका के लिए इच्छुक हैं। हालांकि, सीट बंटवारे के बाद ही इस मसले पर अंतिम फैसला होने की संभावना है।
बिहार विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। तेजस्वी यादव की ‘बिना CM फेस के चुनाव नहीं लड़ेंगे’ वाली बात महागठबंधन के भीतर नई बहस छेड़ रही है। कांग्रेस की संतुलित नीति और तेजस्वी की पक्की अड़ान से साफ है कि मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर जल्द ही बड़ा राजनीतिक निर्णय होने वाला है, जो बिहार के आगामी चुनाव के परिणामों को भी प्रभावित करेगा।
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