Bihar Elections 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के युवाओं से संवाद करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर बड़ा संदेश दिया। कार्यक्रम में उन्होंने न केवल NDA सरकार की उपलब्धियों को गिनाया, बल्कि राजद-कांग्रेस पर तीखा हमला भी बोला।

उन्होंने कहा कि बिहार में युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही है। इस मंच से उन्होंने एक नए कौशल विश्वविद्यालय, बेरोजगारों को नियुक्ति पत्र, और युवा आयोग जैसी योजनाओं की घोषणा की।

“आईटीआई आत्मनिर्भर भारत की वर्कशॉप हैं”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के 21वीं सदी के विकास के लिए स्थानीय प्रतिभा, संसाधन, और ज्ञान को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 1.5 करोड़ से अधिक युवाओं को आईटीआई में प्रशिक्षण मिला है। इस वर्ष भी 10 लाख से अधिक छात्रों ने ऑल इंडिया ट्रेड टेस्ट में हिस्सा लिया, जिसमें से बड़ी संख्या ग्रामीण भारत से आई है।
राजद के कुशासन पर सीधा हमला
पीएम मोदी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी शायद यह न समझ पाए कि केवल ढाई दशक पहले बिहार की शिक्षा व्यवस्था कितनी बदहाल थी। स्कूल समय पर नहीं खुलते थे, शिक्षक नहीं मिलते थे, और छात्रों को राज्य छोड़कर पढ़ाई करनी पड़ती थी। उन्होंने कहा, “राजद के कुशासन ने बिहार को एक ऐसे पेड़ की तरह बना दिया था जिसकी जड़ें कीड़ों से सड़ चुकी थीं।” लेकिन NDA और नीतीश कुमार के नेतृत्व में व्यवस्था को फिर से खड़ा किया गया।
‘जननायक’ की विरासत को लेकर भी चेताया
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार को आज नया कौशल विश्वविद्यालय मिला है, जिसका नाम भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखा गया है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “जननायक सोशल मीडिया से नहीं बनते, उन्हें जनता बनाती है।” पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग आज ‘जननायक’ की चादर चुराकर खुद को उसका वारिस बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जननायक की पहचान उनके जीवन, सादगी और सेवा में थी। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे ऐसे “राजनीतिक चोरों” से सावधान रहें।
युवाओं और बहनों के लिए रोजगार प्राथमिकता में
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि हाल ही में बिहार की लाखों बहनों के लिए एक बड़े रोजगार कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिससे स्पष्ट होता है कि NDA सरकार महिलाओं और युवाओं की भलाई को सर्वोपरि मानती है। PM मोदी का यह संवाद केवल योजनाओं की घोषणा नहीं थी, बल्कि उन्होंने आगामी बिहार चुनाव 2025 से पहले युवा वर्ग को यह संदेश दिया कि कौन उनके भविष्य के लिए सोचता है और कौन सिर्फ सत्ता की राजनीति करता है। राजद-कांग्रेस पर उनके सीधे हमलों ने यह साफ कर दिया कि आने वाले समय में चुनावी जंग और भी तेज़ होने वाली है।










