Bengal Law & Order : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा पुलिस थाने पर हुए हालिया हमले को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि थाने पर धावा बोलकर हिरासत में बंद टीएमसी नेता जहांगीर खान को जबरन छुड़ाने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फाल्टा में राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘जनकल्याण शिविर’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र पर हमला करने वाले माफियाओं के लिए राज्य में कोई जगह नहीं है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को सीधे निर्देश दिए हैं कि हमले के वीडियो फुटेज में नजर आने वाले प्रत्येक चेहरे की पहचान की जाए और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जाएं।

माफियागिरी के खिलाफ ‘डबल-इंजन’ सरकार का कड़ा एक्शन
फाल्टा की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने टेलीविजन पर देखा कि कैसे एक माफिया की पत्नी के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों पर हमला करने का दुस्साहस किया। सीएम ने कहा, “फाल्टा में कानून का शासन है, किसी माफिया का नहीं। चाहे अपराधी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, भाजपा सरकार उन्हें सबक सिखाने के लिए प्रतिबद्ध है।” प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो, जिसमें उपद्रवी पुलिस से बचने के लिए जलाशयों में कूदते नजर आए, पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी अराजकता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि न केवल हमलावरों को जेल भेजा जाएगा, बल्कि उनकी संपत्तियों को जब्त कर नीलामी भी की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारियों या सुरक्षा बलों पर हमला करने की जुर्रत न कर सके।

रंगदारी के आरोपी जहांगीर खान और साजिश की जड़ें
गौरतलब है कि जहांगीर खान, जिस पर रंगदारी समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उसे आठ जून को पुलिस ने उत्तरी बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास से एक सफल ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही उसके समर्थकों और परिवार ने कानून व्यवस्था को चुनौती देना शुरू कर दिया था। इस पूरे हमले की मुख्य साजिशकर्ता के रूप में खान की पत्नी का नाम सामने आया है, जिसके नेतृत्व में भीड़ ने मंगलवार को थाने के बाहर हिंसक प्रदर्शन किया। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने बड़ी सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रित किया। इस मामले में अब तक आठ उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कानून को हाथ में न लेने का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे कानून को अपने हाथ में न लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में ‘डबल-इंजन’ सरकार का उद्देश्य मात्र शासन चलाना नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए कानून का राज स्थापित करना है। मुख्यमंत्री का यह बयान उन तत्वों के लिए चेतावनी है जो अपनी राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल कर पुलिस की कार्यप्रणाली में बाधा डालते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि या सरकारी तंत्र पर हमले को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों को मिसाल के तौर पर सजा दी जाएगी। सरकार का यह सख्त कदम बंगाल में गिरते सुरक्षा मानकों और माफिया-राजनीति के गठजोड़ को तोड़ने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
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